5 जनवरी 2027 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 5 जनवरी 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 5 जनवरी 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:10 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (05:37, 6 जन॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 15:54 से 17:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 19:26
रात 05:17 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:10 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:16 – 07:02टालें
उद्वेग07:02 – 08:49टालें
चर08:49 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 14:07शुभ
काल14:07 – 15:54टालें
शुभ15:54 – 17:40शुभ
रोग17:40 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:26 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 21:54शुभ
उद्वेग21:54 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:35शुभ
चर01:35 – 02:49सामान्य
रोग02:49 – 04:03टालें
काल04:03 – 05:17टालें

5 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:10 तक
कृष्ण चतुर्दशी 01:44, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 05:37, 6 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 15:13 तक
वृद्धि 16:02, 6 जन॰ तक
करण
गर 09:56 तक
वणिज 23:10 तक
विष्टि (भद्रा) 12:26, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
02:40
चंद्रास्त
17:40
दिनमान
14h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
15:54 – 17:40
यमगंड
08:49 – 10:35
गुलिक काल
12:21 – 14:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1606:27दिन
सूर्य06:2707:38दिन
शुक्र07:3808:49दिन
बुध08:4909:59दिन
चंद्र09:5911:10दिन
शनि11:1012:21दिन
गुरु12:2113:32दिन
मंगल13:3214:43दिन
सूर्य14:4315:54दिन
शुक्र15:5417:04दिन
बुध17:0418:15दिन
चंद्र18:1519:26दिन
शनि19:2620:15रात
गुरु20:1521:04रात
मंगल21:0421:54रात
सूर्य21:5422:43रात
शुक्र22:4323:32रात
बुध23:3200:21रात
चंद्र00:2101:11रात
शनि01:1102:00रात
गुरु02:0002:49रात
मंगल02:4903:39रात
सूर्य03:3904:28रात
शुक्र04:2805:17रात

अयनांश 24.2344° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।