3 सितंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 3 सितंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (02:25, 4 सित॰ तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:29, 4 सित॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 14:05 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:49
रात 06:12 तक
तिथि
सप्तमी, 02:25 तक
अष्टमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:29 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:12 – 07:46शुभ
रोग07:46 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:56टालें
चर10:56 – 12:31सामान्य
लाभ12:31 – 14:05शुभ
अमृत14:05 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:15टालें
शुभ17:15 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:49 – 20:15शुभ
चर20:15 – 21:40सामान्य
रोग21:40 – 23:05टालें
काल23:05 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 01:56शुभ
उद्वेग01:56 – 03:21टालें
शुभ03:21 – 04:47शुभ
अमृत04:47 – 06:12शुभ

3 सितंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 02:25, 4 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 00:14, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:29, 4 सित॰ तक
रोहिणी 23:04, 4 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:33 तक
हर्षण 15:44, 4 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:27 तक
बव 02:25, 4 सित॰ तक
बालव 13:21, 4 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:26 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
22:45
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:05 – 15:40
यमगंड
06:12 – 07:46
गुलिक काल
09:21 – 10:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1207:15दिन
मंगल07:1508:18दिन
सूर्य08:1809:21दिन
शुक्र09:2110:24दिन
बुध10:2411:27दिन
चंद्र11:2712:31दिन
शनि12:3113:34दिन
गुरु13:3414:37दिन
मंगल14:3715:40दिन
सूर्य15:4016:43दिन
शुक्र16:4317:46दिन
बुध17:4618:49दिन
चंद्र18:4919:46रात
शनि19:4620:43रात
गुरु20:4321:40रात
मंगल21:4022:37रात
सूर्य22:3723:34रात
शुक्र23:3400:31रात
बुध00:3101:28रात
चंद्र01:2802:25रात
शनि02:2503:21रात
गुरु03:2104:18रात
मंगल04:1805:15रात
सूर्य05:1506:12रात

अयनांश 24.2296° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।