4 सितंबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (00:14, 5 सित॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (23:04 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 10:56 से 12:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:48
रात 06:13 तक
तिथि
अष्टमी, 00:14 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 23:04 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:12 – 07:47सामान्य
लाभ07:47 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:56शुभ
काल10:56 – 12:30टालें
शुभ12:30 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:39टालें
उद्वेग15:39 – 17:14टालें
चर17:14 – 18:48सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:48 – 20:14टालें
काल20:14 – 21:39टालें
लाभ21:39 – 23:05शुभ
उद्वेग23:05 – 00:30टालें
शुभ00:30 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:22शुभ
चर03:22 – 04:47सामान्य
रोग04:47 – 06:13टालें

4 सितंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 00:14, 5 सित॰ तक
कृष्ण नवमी 21:54, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 23:04 तक
मृगशिरा 21:31, 5 सित॰ तक
योग
हर्षण 15:44 तक
वज्रअशुभ 12:47, 5 सित॰ तक
करण
बालव 13:21 तक
कौलव 00:14, 5 सित॰ तक
तैतिल 11:04, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
23:41
चंद्रास्त
13:14
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
10:56 – 12:30
यमगंड
15:39 – 17:14
गुलिक काल
07:47 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1207:15दिन
बुध07:1508:18दिन
चंद्र08:1809:21दिन
शनि09:2110:24दिन
गुरु10:2411:27दिन
मंगल11:2712:30दिन
सूर्य12:3013:33दिन
शुक्र13:3314:36दिन
बुध14:3615:39दिन
चंद्र15:3916:42दिन
शनि16:4217:45दिन
गुरु17:4518:48दिन
मंगल18:4819:45रात
सूर्य19:4520:42रात
शुक्र20:4221:39रात
बुध21:3922:36रात
चंद्र22:3623:33रात
शनि23:3300:30रात
गुरु00:3001:27रात
मंगल01:2702:24रात
सूर्य02:2403:22रात
शुक्र03:2204:19रात
बुध04:1905:16रात
चंद्र05:1606:13रात

अयनांश 24.2297° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।