29 अक्टूबर 2026 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:11 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 13:39 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:51
रात 06:39 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:38 – 08:03शुभ
रोग08:03 – 09:27टालें
उद्वेग09:27 – 10:51टालें
चर10:51 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:39शुभ
अमृत13:39 – 15:03शुभ
काल15:03 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:51 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:03सामान्य
रोग21:03 – 22:39टालें
काल22:39 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:51शुभ
उद्वेग01:51 – 03:27टालें
शुभ03:27 – 05:03शुभ
अमृत05:03 – 06:39शुभ

29 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:10 तक
कृष्ण पंचमी 19:25, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:11 तक
मृगशिरा 09:04, 30 अक्टू॰ तक
योग
परिघअशुभ 00:06, 30 अक्टू॰ तक
शिव 20:41, 30 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:37 तक
बालव 22:10 तक
कौलव 08:46, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 22:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
20:29
चंद्रास्त
10:01
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
13:39 – 15:03
यमगंड
06:38 – 08:03
गुलिक काल
09:27 – 10:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3807:35दिन
मंगल07:3508:31दिन
सूर्य08:3109:27दिन
शुक्र09:2710:23दिन
बुध10:2311:19दिन
चंद्र11:1912:15दिन
शनि12:1513:11दिन
गुरु13:1114:07दिन
मंगल14:0715:03दिन
सूर्य15:0315:59दिन
शुक्र15:5916:55दिन
बुध16:5517:51दिन
चंद्र17:5118:55रात
शनि18:5519:59रात
गुरु19:5921:03रात
मंगल21:0322:07रात
सूर्य22:0723:11रात
शुक्र23:1100:15रात
बुध00:1501:19रात
चंद्र01:1902:23रात
शनि02:2303:27रात
गुरु03:2704:31रात
मंगल04:3105:35रात
सूर्य05:3506:39रात

अयनांश 24.2318° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।