23 जनवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 23 जनवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 जनवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (14:13 तक), नक्षत्र पुष्य (07:31 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 10:01 से 11:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 18:07
रात 07:19 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:13 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 04:53 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:20 – 08:41टालें
शुभ08:41 – 10:01शुभ
रोग10:01 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:43टालें
चर12:43 – 14:04सामान्य
लाभ14:04 – 15:25शुभ
अमृत15:25 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:07 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:25टालें
शुभ21:25 – 23:04शुभ
अमृत23:04 – 00:43शुभ
चर00:43 – 02:22सामान्य
रोग02:22 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:40टालें
लाभ05:40 – 07:19शुभ

23 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 14:13 तक
कृष्ण द्वितीया 10:57, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 07:31 तक
आश्लेषा 04:53, 24 जन॰ तक
मघा 02:41, 25 जन॰ तक
योग
प्रीति 09:38 तक
आयुष्मान 05:40, 24 जन॰ तक
सौभाग्य 02:03, 25 जन॰ तक
करण
कौलव 14:13 तक
तैतिल 00:32, 24 जन॰ तक
गर 10:57, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 04:53, 24 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
19:12
चंद्रास्त
07:55
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:27
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
10:01 – 11:22
यमगंड
14:04 – 15:25
गुलिक काल
07:20 – 08:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2008:14दिन
गुरु08:1409:07दिन
मंगल09:0710:01दिन
सूर्य10:0110:55दिन
शुक्र10:5511:49दिन
बुध11:4912:43दिन
चंद्र12:4313:37दिन
शनि13:3714:31दिन
गुरु14:3115:25दिन
मंगल15:2516:19दिन
सूर्य16:1917:13दिन
शुक्र17:1318:07दिन
बुध18:0719:13रात
चंद्र19:1320:19रात
शनि20:1921:25रात
गुरु21:2522:31रात
मंगल22:3123:37रात
सूर्य23:3700:43रात
शुक्र00:4301:49रात
बुध01:4902:55रात
चंद्र02:5504:01रात
शनि04:0105:07रात
गुरु05:0706:13रात
मंगल06:1307:19रात

अयनांश 24.2351° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।