26 फ़रवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (20:43 तक), नक्षत्र स्वाति (10:13 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 11:18 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 18:30
रात 06:57 तक
तिथि
षष्ठी, 20:43 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 10:13 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:58 – 08:25सामान्य
लाभ08:25 – 09:51शुभ
अमृत09:51 – 11:18शुभ
काल11:18 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:37टालें
उद्वेग15:37 – 17:04टालें
चर17:04 – 18:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:30 – 20:04टालें
काल20:04 – 21:37टालें
लाभ21:37 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:44टालें
शुभ00:44 – 02:17शुभ
अमृत02:17 – 03:51शुभ
चर03:51 – 05:24सामान्य
रोग05:24 – 06:57टालें

26 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:43 तक
कृष्ण सप्तमी 21:55, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:13 तक
विशाखा 11:40, 27 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 22:19 तक
व्याघातअशुभ 22:08, 27 फ़र॰ तक
करण
गर 08:24 तक
वणिज 20:43 तक
विष्टि (भद्रा) 09:13, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
तुला 05:14, 27 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:03
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
11:18 – 12:44
यमगंड
15:37 – 17:04
गुलिक काल
08:25 – 09:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5807:56दिन
बुध07:5608:54दिन
चंद्र08:5409:51दिन
शनि09:5110:49दिन
गुरु10:4911:47दिन
मंगल11:4712:44दिन
सूर्य12:4413:42दिन
शुक्र13:4214:40दिन
बुध14:4015:37दिन
चंद्र15:3716:35दिन
शनि16:3517:33दिन
गुरु17:3318:30दिन
मंगल18:3019:33रात
सूर्य19:3320:35रात
शुक्र20:3521:37रात
बुध21:3722:39रात
चंद्र22:3923:42रात
शनि23:4200:44रात
गुरु00:4401:46रात
मंगल01:4602:48रात
सूर्य02:4803:51रात
शुक्र03:5104:53रात
बुध04:5305:55रात
चंद्र05:5506:57रात

अयनांश 24.2364° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।