27 फ़रवरी 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 27 फ़रवरी 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 27 फ़रवरी 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (21:55 तक), नक्षत्र विशाखा (11:40 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 09:51 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:31
रात 06:56 तक
तिथि
सप्तमी, 21:55 तक
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा, 11:40 तक
अनुराधा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:57 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:51शुभ
रोग09:51 – 11:18टालें
उद्वेग11:18 – 12:44टालें
चर12:44 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:38शुभ
अमृत15:38 – 17:04शुभ
काल17:04 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:31 – 20:04शुभ
उद्वेग20:04 – 21:37टालें
शुभ21:37 – 23:11शुभ
अमृत23:11 – 00:44शुभ
चर00:44 – 02:17सामान्य
रोग02:17 – 03:50टालें
काल03:50 – 05:23टालें
लाभ05:23 – 06:56शुभ

27 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 21:55 तक
कृष्ण अष्टमी 23:46, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 11:40 तक
अनुराधा 13:47, 28 फ़र॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 22:08 तक
हर्षण 22:28, 28 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:13 तक
बव 21:55 तक
बालव 10:46, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
00:06
चंद्रास्त
10:45
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:51 – 11:18
यमगंड
14:11 – 15:38
गुलिक काल
06:57 – 08:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5707:55दिन
गुरु07:5508:53दिन
मंगल08:5309:51दिन
सूर्य09:5110:49दिन
शुक्र10:4911:46दिन
बुध11:4612:44दिन
चंद्र12:4413:42दिन
शनि13:4214:40दिन
गुरु14:4015:38दिन
मंगल15:3816:35दिन
सूर्य16:3517:33दिन
शुक्र17:3318:31दिन
बुध18:3119:33रात
चंद्र19:3320:35रात
शनि20:3521:37रात
गुरु21:3722:40रात
मंगल22:4023:42रात
सूर्य23:4200:44रात
शुक्र00:4401:46रात
बुध01:4602:48रात
चंद्र02:4803:50रात
शनि03:5004:52रात
गुरु04:5205:54रात
मंगल05:5406:56रात

अयनांश 24.2364° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।