23 दिसंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 23 दिसंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:12 तक), नक्षत्र स्वाति (00:17, 24 दिस॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 13:49 से 15:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 17:44
रात 07:16 तक
तिथि
एकादशी, 23:12 तक
द्वादशी
नक्षत्र
स्वाति, 00:17 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:16 – 08:34शुभ
रोग08:34 – 09:53टालें
उद्वेग09:53 – 11:12टालें
चर11:12 – 12:30सामान्य
लाभ12:30 – 13:49शुभ
अमृत13:49 – 15:07शुभ
काल15:07 – 16:26टालें
शुभ16:26 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:44 – 19:26शुभ
चर19:26 – 21:07सामान्य
रोग21:07 – 22:49टालें
काल22:49 – 00:30टालें
लाभ00:30 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:53टालें
शुभ03:53 – 05:35शुभ
अमृत05:35 – 07:16शुभ

23 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:12 तक
कृष्ण द्वादशी 23:08, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 00:17, 24 दिस॰ तक
विशाखा 00:50, 25 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:43 तक
सुकर्मा 10:17, 24 दिस॰ तक
करण
बव 11:23 तक
बालव 23:12 तक
कौलव 11:07, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
02:56
चंद्रास्त
14:02
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
13:49 – 15:07
यमगंड
07:16 – 08:34
गुलिक काल
09:53 – 11:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1608:08दिन
मंगल08:0809:01दिन
सूर्य09:0109:53दिन
शुक्र09:5310:45दिन
बुध10:4511:38दिन
चंद्र11:3812:30दिन
शनि12:3013:23दिन
गुरु13:2314:15दिन
मंगल14:1515:07दिन
सूर्य15:0716:00दिन
शुक्र16:0016:52दिन
बुध16:5217:44दिन
चंद्र17:4418:52रात
शनि18:5220:00रात
गुरु20:0021:07रात
मंगल21:0722:15रात
सूर्य22:1523:23रात
शुक्र23:2300:30रात
बुध00:3001:38रात
चंद्र01:3802:46रात
शनि02:4603:53रात
गुरु03:5305:01रात
मंगल05:0106:09रात
सूर्य06:0907:16रात

अयनांश 24.2478° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।