24 दिसंबर 2027 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 दिसंबर 2027 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:08 तक), नक्षत्र विशाखा (00:50, 25 दिस॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 17:45
रात 07:17 तक
तिथि
द्वादशी, 23:08 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
विशाखा, 00:50 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:16 – 08:35सामान्य
लाभ08:35 – 09:53शुभ
अमृत09:53 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 13:49शुभ
रोग13:49 – 15:08टालें
उद्वेग15:08 – 16:26टालें
चर16:26 – 17:45सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:45 – 19:26टालें
काल19:26 – 21:08टालें
लाभ21:08 – 22:49शुभ
उद्वेग22:49 – 00:31टालें
शुभ00:31 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:54शुभ
चर03:54 – 05:35सामान्य
रोग05:35 – 07:17टालें

24 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:08 तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:32, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 00:50, 25 दिस॰ तक
अनुराधा 01:49, 26 दिस॰ तक
योग
सुकर्मा 10:17 तक
धृति 09:12, 25 दिस॰ तक
करण
कौलव 11:07 तक
तैतिल 23:08 तक
गर 11:17, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
03:57
चंद्रास्त
14:44
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:31
यमगंड
15:08 – 16:26
गुलिक काल
08:35 – 09:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1608:09दिन
बुध08:0909:01दिन
चंद्र09:0109:53दिन
शनि09:5310:46दिन
गुरु10:4611:38दिन
मंगल11:3812:31दिन
सूर्य12:3113:23दिन
शुक्र13:2314:15दिन
बुध14:1515:08दिन
चंद्र15:0816:00दिन
शनि16:0016:53दिन
गुरु16:5317:45दिन
मंगल17:4518:53रात
सूर्य18:5320:00रात
शुक्र20:0021:08रात
बुध21:0822:16रात
चंद्र22:1623:23रात
शनि23:2300:31रात
गुरु00:3101:38रात
मंगल01:3802:46रात
सूर्य02:4603:54रात
शुक्र03:5405:01रात
बुध05:0106:09रात
चंद्र06:0907:17रात

अयनांश 24.2479° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।