25 अगस्त 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 अगस्त 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 अगस्त 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (21:00 तक), नक्षत्र स्वाति (19:49 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:58
रात 06:09 तक
तिथि
षष्ठी, 21:00 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 19:49 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:44सामान्य
लाभ07:44 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:33टालें
शुभ12:33 – 14:09शुभ
रोग14:09 – 15:46टालें
उद्वेग15:46 – 17:22टालें
चर17:22 – 18:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:58 – 20:22टालें
काल20:22 – 21:46टालें
लाभ21:46 – 23:10शुभ
उद्वेग23:10 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 01:57शुभ
अमृत01:57 – 03:21शुभ
चर03:21 – 04:45सामान्य
रोग04:45 – 06:09टालें

25 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 21:00 तक
शुक्ल सप्तमी 19:33, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:49 तक
विशाखा 19:05, 26 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 03:23, 26 अग॰ तक
इंद्र 01:18, 27 अग॰ तक
करण
कौलव 10:00 तक
तैतिल 21:00 तक
गर 08:11, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
11:17
चंद्रास्त
22:15
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:33
यमगंड
15:46 – 17:22
गुलिक काल
07:44 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:12दिन
बुध07:1208:16दिन
चंद्र08:1609:21दिन
शनि09:2110:25दिन
गुरु10:2511:29दिन
मंगल11:2912:33दिन
सूर्य12:3313:37दिन
शुक्र13:3714:41दिन
बुध14:4115:46दिन
चंद्र15:4616:50दिन
शनि16:5017:54दिन
गुरु17:5418:58दिन
मंगल18:5819:54रात
सूर्य19:5420:50रात
शुक्र20:5021:46रात
बुध21:4622:42रात
चंद्र22:4223:37रात
शनि23:3700:33रात
गुरु00:3301:29रात
मंगल01:2902:25रात
सूर्य02:2503:21रात
शुक्र03:2104:17रात
बुध04:1705:13रात
चंद्र05:1306:09रात

अयनांश 24.2573° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।