26 अगस्त 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

शनिवार, 26 अगस्त 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 26 अगस्त 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (19:33 तक), नक्षत्र विशाखा (19:05 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:09 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 09:21 से 10:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:09 – 18:57
रात 06:09 तक
तिथि
सप्तमी, 19:33 तक
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा, 19:05 तक
अनुराधा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:09 – 07:45टालें
शुभ07:45 – 09:21शुभ
रोग09:21 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:33टालें
चर12:33 – 14:09सामान्य
लाभ14:09 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:21शुभ
काल17:21 – 18:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:57 – 20:21शुभ
उद्वेग20:21 – 21:45टालें
शुभ21:45 – 23:09शुभ
अमृत23:09 – 00:33शुभ
चर00:33 – 01:57सामान्य
रोग01:57 – 03:21टालें
काल03:21 – 04:45टालें
लाभ04:45 – 06:09शुभ

26 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 19:33 तक
शुक्ल अष्टमी 18:49, 27 अग॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 19:05 तक
अनुराधा 19:04, 27 अग॰ तक
योग
इंद्र 01:18, 27 अग॰ तक
वैधृतिअशुभ 23:49, 27 अग॰ तक
करण
गर 08:11 तक
वणिज 19:33 तक
विष्टि (भद्रा) 07:05, 27 अग॰ तक
चंद्र राशि
तुला 13:12 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:09
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
12:21
चंद्रास्त
23:04
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
09:21 – 10:57
यमगंड
14:09 – 15:45
गुलिक काल
06:09 – 07:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0907:13दिन
गुरु07:1308:17दिन
मंगल08:1709:21दिन
सूर्य09:2110:25दिन
शुक्र10:2511:29दिन
बुध11:2912:33दिन
चंद्र12:3313:37दिन
शनि13:3714:41दिन
गुरु14:4115:45दिन
मंगल15:4516:49दिन
सूर्य16:4917:53दिन
शुक्र17:5318:57दिन
बुध18:5719:53रात
चंद्र19:5320:49रात
शनि20:4921:45रात
गुरु21:4522:41रात
मंगल22:4123:37रात
सूर्य23:3700:33रात
शुक्र00:3301:29रात
बुध01:2902:25रात
चंद्र02:2503:21रात
शनि03:2104:17रात
गुरु04:1705:13रात
मंगल05:1306:09रात

अयनांश 24.2573° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।