21 सितंबर 2028 को पुष्कर का चौघड़िया

गुरुवार, 21 सितंबर 2028, पुष्कर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 सितंबर 2028 को पुष्कर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (13:00 तक), नक्षत्र चित्रा (06:38 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:29
रात 06:20 तक
तिथि
तृतीया, 13:00 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 04:29 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:51शुभ
रोग07:51 – 09:22टालें
उद्वेग09:22 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:24सामान्य
लाभ12:24 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:26शुभ
काल15:26 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:29 – 19:58शुभ
चर19:58 – 21:26सामान्य
रोग21:26 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:24टालें
लाभ00:24 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:22टालें
शुभ03:22 – 04:51शुभ
अमृत04:51 – 06:20शुभ

21 सितंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 13:00 तक
शुक्ल चतुर्थी 10:15, 22 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 06:38 तक
स्वाति 04:29, 22 सित॰ तक
विशाखा 03:00, 23 सित॰ तक
योग
इंद्र 15:17 तक
वैधृतिअशुभ 11:58, 22 सित॰ तक
करण
गर 13:00 तक
वणिज 23:33 तक
विष्टि (भद्रा) 10:15, 22 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
20:08
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:26
यमगंड
06:19 – 07:51
गुलिक काल
09:22 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:20दिन
मंगल07:2008:21दिन
सूर्य08:2109:22दिन
शुक्र09:2210:23दिन
बुध10:2311:23दिन
चंद्र11:2312:24दिन
शनि12:2413:25दिन
गुरु13:2514:26दिन
मंगल14:2615:26दिन
सूर्य15:2616:27दिन
शुक्र16:2717:28दिन
बुध17:2818:29दिन
चंद्र18:2919:28रात
शनि19:2820:27रात
गुरु20:2721:26रात
मंगल21:2622:26रात
सूर्य22:2623:25रात
शुक्र23:2500:24रात
बुध00:2401:24रात
चंद्र01:2402:23रात
शनि02:2303:22रात
गुरु03:2204:21रात
मंगल04:2105:21रात
सूर्य05:2106:20रात

अयनांश 24.2583° (लाहिड़ी)। समय पुष्कर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।