15 अप्रैल 2025 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 15 अप्रैल 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 15 अप्रैल 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (08:25 तक), नक्षत्र विशाखा (00:40, 16 अप्रैल तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 15:04 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 18:15
रात 05:30 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 00:40 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:31 – 07:06टालें
उद्वेग07:06 – 08:42टालें
चर08:42 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:53शुभ
अमृत11:53 – 13:28शुभ
काल13:28 – 15:04टालें
शुभ15:04 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:15 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:04शुभ
उद्वेग21:04 – 22:28टालें
शुभ22:28 – 23:52शुभ
अमृत23:52 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:41सामान्य
रोग02:41 – 04:05टालें
काल04:05 – 05:30टालें

15 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 08:25 तक
कृष्ण तृतीया 10:47, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 00:40, 16 अप्रैल तक
अनुराधा 03:25, 17 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 21:02 तक
व्यतीपातअशुभ 21:48, 16 अप्रैल तक
करण
गर 08:25 तक
वणिज 21:38 तक
विष्टि (भद्रा) 10:47, 16 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 17:57 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
20:30
चंद्रास्त
06:36
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
15:04 – 16:39
यमगंड
08:42 – 10:17
गुलिक काल
11:53 – 13:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3106:34दिन
सूर्य06:3407:38दिन
शुक्र07:3808:42दिन
बुध08:4209:45दिन
चंद्र09:4510:49दिन
शनि10:4911:53दिन
गुरु11:5312:56दिन
मंगल12:5614:00दिन
सूर्य14:0015:04दिन
शुक्र15:0416:07दिन
बुध16:0717:11दिन
चंद्र17:1118:15दिन
शनि18:1519:11रात
गुरु19:1120:07रात
मंगल20:0721:04रात
सूर्य21:0422:00रात
शुक्र22:0022:56रात
बुध22:5623:52रात
चंद्र23:5200:49रात
शनि00:4901:45रात
गुरु01:4502:41रात
मंगल02:4103:37रात
सूर्य03:3704:34रात
शुक्र04:3405:30रात

अयनांश 24.2103° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।