16 अप्रैल 2025 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 16 अप्रैल 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 16 अप्रैल 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (10:47 तक), नक्षत्र अनुराधा (03:25, 17 अप्रैल तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 11:53 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:15
रात 05:29 तक
तिथि
तृतीया, 10:47 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 03:25 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:30 – 07:05शुभ
अमृत07:05 – 08:41शुभ
काल08:41 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:53शुभ
रोग11:53 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:40सामान्य
लाभ16:40 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:15 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:28शुभ
चर22:28 – 23:52सामान्य
रोग23:52 – 01:16टालें
काल01:16 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 04:05शुभ
उद्वेग04:05 – 05:29टालें

16 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 10:47 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:53, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
अनुराधा 03:25, 17 अप्रैल तक
ज्येष्ठा 05:51, 18 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 21:48 तक
वरीयान 22:20, 17 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:47 तक
बव 23:53 तक
बालव 12:53, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
21:26
चंद्रास्त
07:15
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:53 – 13:28
यमगंड
07:05 – 08:41
गुलिक काल
10:17 – 11:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3006:34दिन
चंद्र06:3407:37दिन
शनि07:3708:41दिन
गुरु08:4109:45दिन
मंगल09:4510:49दिन
सूर्य10:4911:53दिन
शुक्र11:5312:56दिन
बुध12:5614:00दिन
चंद्र14:0015:04दिन
शनि15:0416:08दिन
गुरु16:0817:12दिन
मंगल17:1218:15दिन
सूर्य18:1519:11रात
शुक्र19:1120:08रात
बुध20:0821:04रात
चंद्र21:0422:00रात
शनि22:0022:56रात
गुरु22:5623:52रात
मंगल23:5200:48रात
सूर्य00:4801:44रात
शुक्र01:4402:40रात
बुध02:4003:37रात
चंद्र03:3704:33रात
शनि04:3305:29रात

अयनांश 24.2103° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।