21 अक्टूबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (15:25 तक), नक्षत्र चित्रा (20:28 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 14:29 से 15:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:21
रात 05:54 तक
तिथि
अमावस्या, 15:25 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
चित्रा, 20:28 तक
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:54 – 07:19टालें
उद्वेग07:19 – 08:45टालें
चर08:45 – 10:11सामान्य
लाभ10:11 – 11:37शुभ
अमृत11:37 – 13:03शुभ
काल13:03 – 14:29टालें
शुभ14:29 – 15:55शुभ
रोग15:55 – 17:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:21 – 18:55टालें
लाभ18:55 – 20:29शुभ
उद्वेग20:29 – 22:03टालें
शुभ22:03 – 23:37शुभ
अमृत23:37 – 01:12शुभ
चर01:12 – 02:46सामान्य
रोग02:46 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:54टालें

21 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 15:25 तक
शुक्ल प्रतिपदा 17:47, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 20:28 तक
स्वाति 23:21, 22 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 00:46, 22 अक्टू॰ तक
प्रीति 01:35, 23 अक्टू॰ तक
करण
नाग 15:25 तक
किंस्तुघ्न 04:34, 22 अक्टू॰ तक
बव 17:47, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 07:06 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
05:38
चंद्रास्त
17:08
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:29 – 15:55
यमगंड
08:45 – 10:11
गुलिक काल
11:37 – 13:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5406:51दिन
सूर्य06:5107:48दिन
शुक्र07:4808:45दिन
बुध08:4509:43दिन
चंद्र09:4310:40दिन
शनि10:4011:37दिन
गुरु11:3712:34दिन
मंगल12:3413:32दिन
सूर्य13:3214:29दिन
शुक्र14:2915:26दिन
बुध15:2616:23दिन
चंद्र16:2317:21दिन
शनि17:2118:23रात
गुरु18:2319:26रात
मंगल19:2620:29रात
सूर्य20:2921:32रात
शुक्र21:3222:35रात
बुध22:3523:37रात
चंद्र23:3700:40रात
शनि00:4001:43रात
गुरु01:4302:46रात
मंगल02:4603:48रात
सूर्य03:4804:51रात
शुक्र04:5105:54रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।