28 दिसंबर 2024 को सिलचर का चौघड़िया

शनिवार, 28 दिसंबर 2024, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 दिसंबर 2024 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (03:33, 29 दिस॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (22:13 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 08:41 से 10:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 16:38
रात 06:02 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:33 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अनुराधा, 22:13 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:02 – 07:21टालें
शुभ07:21 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:00टालें
उद्वेग10:00 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:40सामान्य
लाभ12:40 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:19शुभ
काल15:19 – 16:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:38 – 18:19शुभ
उद्वेग18:19 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:40शुभ
अमृत21:40 – 23:20शुभ
चर23:20 – 01:01सामान्य
रोग01:01 – 02:41टालें
काल02:41 – 04:22टालें
लाभ04:22 – 06:02शुभ

28 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 03:33, 29 दिस॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 04:02, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 23:22, 29 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 22:23 तक
गंडअशुभ 21:41, 29 दिस॰ तक
करण
गर 15:04 तक
वणिज 03:33, 29 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:52, 29 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
03:33
चंद्रास्त
14:13
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:41 – 10:00
यमगंड
12:40 – 13:59
गुलिक काल
06:02 – 07:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0206:55दिन
गुरु06:5507:48दिन
मंगल07:4808:41दिन
सूर्य08:4109:34दिन
शुक्र09:3410:27दिन
बुध10:2711:20दिन
चंद्र11:2012:13दिन
शनि12:1313:06दिन
गुरु13:0613:59दिन
मंगल13:5914:52दिन
सूर्य14:5215:45दिन
शुक्र15:4516:38दिन
बुध16:3817:45रात
चंद्र17:4518:52रात
शनि18:5219:59रात
गुरु19:5921:06रात
मंगल21:0622:13रात
सूर्य22:1323:20रात
शुक्र23:2000:27रात
बुध00:2701:34रात
चंद्र01:3402:41रात
शनि02:4103:48रात
गुरु03:4804:55रात
मंगल04:5506:02रात

अयनांश 24.2062° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।