20 मार्च 2025 को सिलचर का चौघड़िया

गुरुवार, 20 मार्च 2025, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 20 मार्च 2025 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (02:45, 21 मार्च तक), नक्षत्र अनुराधा (23:31 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:29
रात 05:21 तक
तिथि
षष्ठी, 02:45 तक
सप्तमी
नक्षत्र
अनुराधा, 23:31 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:22 – 06:53शुभ
रोग06:53 – 08:24टालें
उद्वेग08:24 – 09:55टालें
चर09:55 – 11:26सामान्य
लाभ11:26 – 12:57शुभ
अमृत12:57 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:59टालें
शुभ15:59 – 17:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:29 – 18:58शुभ
चर18:58 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:56टालें
काल21:56 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 00:54शुभ
उद्वेग00:54 – 02:23टालें
शुभ02:23 – 03:52शुभ
अमृत03:52 – 05:21शुभ

20 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 02:45, 21 मार्च तक
कृष्ण सप्तमी 04:24, 22 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:45, 22 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 18:19 तक
सिद्धि 18:41, 21 मार्च तक
करण
गर 13:44 तक
वणिज 02:45, 21 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 15:39, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
22:52
चंद्रास्त
08:36
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:28
यमगंड
05:22 – 06:53
गुलिक काल
08:24 – 09:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2206:23दिन
मंगल06:2307:24दिन
सूर्य07:2408:24दिन
शुक्र08:2409:25दिन
बुध09:2510:25दिन
चंद्र10:2511:26दिन
शनि11:2612:27दिन
गुरु12:2713:27दिन
मंगल13:2714:28दिन
सूर्य14:2815:28दिन
शुक्र15:2816:29दिन
बुध16:2917:29दिन
चंद्र17:2918:29रात
शनि18:2919:28रात
गुरु19:2820:27रात
मंगल20:2721:27रात
सूर्य21:2722:26रात
शुक्र22:2623:25रात
बुध23:2500:25रात
चंद्र00:2501:24रात
शनि01:2402:23रात
गुरु02:2303:23रात
मंगल03:2304:22रात
सूर्य04:2205:21रात

अयनांश 24.2093° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।