27 अगस्त 2025 को सिलचर का चौघड़िया

बुधवार, 27 अगस्त 2025, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 अगस्त 2025 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (15:44 तक), नक्षत्र हस्त (06:04 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 04:57 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 11:20 से 12:55 तक है।

दिन और रात
दिन 04:57 – 17:42
रात 04:58 तक
तिथि
चतुर्थी, 15:44 तक
पंचमी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:57 – 06:33शुभ
अमृत06:33 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:44टालें
शुभ09:44 – 11:20शुभ
रोग11:20 – 12:55टालें
उद्वेग12:55 – 14:31टालें
चर14:31 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:42 – 19:06टालें
शुभ19:06 – 20:31शुभ
अमृत20:31 – 21:55शुभ
चर21:55 – 23:20सामान्य
रोग23:20 – 00:44टालें
काल00:44 – 02:09टालें
लाभ02:09 – 03:33शुभ
उद्वेग03:33 – 04:58टालें

27 अगस्त 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 15:44 तक
शुक्ल पंचमी 17:57, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:04 तक
चित्रा 08:43, 28 अग॰ तक
योग
शुभ 12:34 तक
शुक्ल 13:18, 28 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:44 तक
बव 04:48, 28 अग॰ तक
बालव 17:57, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 19:21 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
08:19
चंद्रास्त
19:56
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
10:54 – 11:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:20 – 12:55
यमगंड
06:33 – 08:09
गुलिक काल
09:44 – 11:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5706:01दिन
चंद्र06:0107:05दिन
शनि07:0508:09दिन
गुरु08:0909:12दिन
मंगल09:1210:16दिन
सूर्य10:1611:20दिन
शुक्र11:2012:23दिन
बुध12:2313:27दिन
चंद्र13:2714:31दिन
शनि14:3115:35दिन
गुरु15:3516:38दिन
मंगल16:3817:42दिन
सूर्य17:4218:38रात
शुक्र18:3819:35रात
बुध19:3520:31रात
चंद्र20:3121:27रात
शनि21:2722:24रात
गुरु22:2423:20रात
मंगल23:2000:16रात
सूर्य00:1601:13रात
शुक्र01:1302:09रात
बुध02:0903:05रात
चंद्र03:0504:01रात
शनि04:0104:58रात

अयनांश 24.2154° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।