28 मार्च 2026 को सिलचर का चौघड़िया

शनिवार, 28 मार्च 2026, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 28 मार्च 2026 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (08:46 तक), नक्षत्र पुष्य (14:50 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 08:19 से 09:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 17:33
रात 05:13 तक
तिथि
दशमी, 08:46 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 14:50 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:14 – 06:47टालें
शुभ06:47 – 08:19शुभ
रोग08:19 – 09:51टालें
उद्वेग09:51 – 11:24टालें
चर11:24 – 12:56सामान्य
लाभ12:56 – 14:28शुभ
अमृत14:28 – 16:00शुभ
काल16:00 – 17:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:33 – 19:00शुभ
उद्वेग19:00 – 20:28टालें
शुभ20:28 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:23शुभ
चर23:23 – 00:51सामान्य
रोग00:51 – 02:18टालें
काल02:18 – 03:46टालें
लाभ03:46 – 05:13शुभ

28 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 08:46 तक
शुक्ल एकादशी 07:46, 29 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 14:50 तक
आश्लेषा 14:38, 29 मार्च तक
योग
सुकर्मा 20:06 तक
धृति 18:19, 29 मार्च तक
करण
गर 08:46 तक
वणिज 20:13 तक
विष्टि (भद्रा) 07:46, 29 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
13:09
चंद्रास्त
02:07
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
08:19 – 09:51
यमगंड
12:56 – 14:28
गुलिक काल
05:14 – 06:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1406:16दिन
गुरु06:1607:18दिन
मंगल07:1808:19दिन
सूर्य08:1909:21दिन
शुक्र09:2110:22दिन
बुध10:2211:24दिन
चंद्र11:2412:25दिन
शनि12:2513:27दिन
गुरु13:2714:28दिन
मंगल14:2815:30दिन
सूर्य15:3016:31दिन
शुक्र16:3117:33दिन
बुध17:3318:31रात
चंद्र18:3119:30रात
शनि19:3020:28रात
गुरु20:2821:26रात
मंगल21:2622:25रात
सूर्य22:2523:23रात
शुक्र23:2300:21रात
बुध00:2101:20रात
चंद्र01:2002:18रात
शनि02:1803:17रात
गुरु03:1704:15रात
मंगल04:1505:13रात

अयनांश 24.2236° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।