28 जनवरी 2027 को सिलचर का चौघड़िया

गुरुवार, 28 जनवरी 2027, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 जनवरी 2027 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (04:03, 29 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (00:32, 29 जन॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:00
रात 06:02 तक
तिथि
सप्तमी, 04:03 तक
अष्टमी
नक्षत्र
चित्रा, 00:32 तक
स्वाति
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:25शुभ
रोग07:25 – 08:47टालें
उद्वेग08:47 – 10:09टालें
चर10:09 – 11:31सामान्य
लाभ11:31 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:16शुभ
काल14:16 – 15:38टालें
शुभ15:38 – 17:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:00 – 18:38शुभ
चर18:38 – 20:16सामान्य
रोग20:16 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:31टालें
लाभ23:31 – 01:09शुभ
उद्वेग01:09 – 02:47टालें
शुभ02:47 – 04:24शुभ
अमृत04:24 – 06:02शुभ

28 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 04:03, 29 जन॰ तक
कृष्ण अष्टमी 04:58, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 00:32, 29 जन॰ तक
स्वाति 01:54, 30 जन॰ तक
योग
धृति 16:58 तक
शूलअशुभ 16:13, 29 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:52 तक
बव 04:03, 29 जन॰ तक
बालव 16:25, 29 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 12:08 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
09:42
दिनमान
10h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:16
यमगंड
06:02 – 07:25
गुलिक काल
08:47 – 10:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0206:57दिन
मंगल06:5707:52दिन
सूर्य07:5208:47दिन
शुक्र08:4709:42दिन
बुध09:4210:36दिन
चंद्र10:3611:31दिन
शनि11:3112:26दिन
गुरु12:2613:21दिन
मंगल13:2114:16दिन
सूर्य14:1615:10दिन
शुक्र15:1016:05दिन
बुध16:0517:00दिन
चंद्र17:0018:05रात
शनि18:0519:10रात
गुरु19:1020:16रात
मंगल20:1621:21रात
सूर्य21:2122:26रात
शुक्र22:2623:31रात
बुध23:3100:36रात
चंद्र00:3601:41रात
शनि01:4102:47रात
गुरु02:4703:52रात
मंगल03:5204:57रात
सूर्य04:5706:02रात

अयनांश 24.2353° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।