3 जनवरी 2029 को सिलचर का चौघड़िया

बुधवार, 3 जनवरी 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 जनवरी 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:03 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:18, 4 जन॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 16:42 पर है। राहुकाल 11:23 से 12:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 16:42
रात 06:04 तक
तिथि
तृतीया, 17:03 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:18 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:04 – 07:23शुभ
अमृत07:23 – 08:43शुभ
काल08:43 – 10:03टालें
शुभ10:03 – 11:23शुभ
रोग11:23 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:42 – 18:22टालें
शुभ18:22 – 20:03शुभ
अमृत20:03 – 21:43शुभ
चर21:43 – 23:23सामान्य
रोग23:23 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:43टालें
लाभ02:43 – 04:24शुभ
उद्वेग04:24 – 06:04टालें

3 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:03 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:49, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:18, 4 जन॰ तक
मघा 23:43, 4 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 15:38 तक
प्रीति 12:37, 4 जन॰ तक
करण
वणिज 06:06 तक
विष्टि (भद्रा) 17:03 तक
बव 03:57, 4 जन॰ तक
बालव 14:49, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:18, 4 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
16:42
चंद्रोदय
19:32
चंद्रास्त
07:55
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:44 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:23 – 12:43
यमगंड
07:23 – 08:43
गुलिक काल
10:03 – 11:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0406:57दिन
चंद्र06:5707:50दिन
शनि07:5008:43दिन
गुरु08:4309:36दिन
मंगल09:3610:30दिन
सूर्य10:3011:23दिन
शुक्र11:2312:16दिन
बुध12:1613:09दिन
चंद्र13:0914:03दिन
शनि14:0314:56दिन
गुरु14:5615:49दिन
मंगल15:4916:42दिन
सूर्य16:4217:49रात
शुक्र17:4918:56रात
बुध18:5620:03रात
चंद्र20:0321:09रात
शनि21:0922:16रात
गुरु22:1623:23रात
मंगल23:2300:30रात
सूर्य00:3001:37रात
शुक्र01:3702:43रात
बुध02:4303:50रात
चंद्र03:5004:57रात
शनि04:5706:04रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।