8 मार्च 2028 को उडुपी का चौघड़िया

बुधवार, 8 मार्च 2028, उडुपी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 8 मार्च 2028 को उडुपी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:27 तक), नक्षत्र पुष्य (15:00 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 12:41 से 14:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:40
रात 06:42 तक
तिथि
द्वादशी, 17:27 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 15:00 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:12शुभ
अमृत08:12 – 09:42शुभ
काल09:42 – 11:12टालें
शुभ11:12 – 12:41शुभ
रोग12:41 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:41टालें
चर15:41 – 17:10सामान्य
लाभ17:10 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:40 – 20:10टालें
शुभ20:10 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 23:11शुभ
चर23:11 – 00:41सामान्य
रोग00:41 – 02:11टालें
काल02:11 – 03:41टालें
लाभ03:41 – 05:12शुभ
उद्वेग05:12 – 06:42टालें

8 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:27 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:02, 9 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 15:00 तक
आश्लेषा 12:22, 9 मार्च तक
योग
शोभन 08:48 तक
अतिगंडअशुभ 04:56, 9 मार्च तक
सुकर्मा 00:48, 10 मार्च तक
करण
बव 07:02 तक
बालव 17:27 तक
कौलव 03:47, 9 मार्च तक
तैतिल 14:02, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
16:04
चंद्रास्त
04:10
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:05 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:41 – 14:11
यमगंड
08:12 – 09:42
गुलिक काल
11:12 – 12:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:42दिन
चंद्र07:4208:42दिन
शनि08:4209:42दिन
गुरु09:4210:42दिन
मंगल10:4211:41दिन
सूर्य11:4112:41दिन
शुक्र12:4113:41दिन
बुध13:4114:41दिन
चंद्र14:4115:41दिन
शनि15:4116:41दिन
गुरु16:4117:40दिन
मंगल17:4018:40दिन
सूर्य18:4019:40रात
शुक्र19:4020:40रात
बुध20:4021:41रात
चंद्र21:4122:41रात
शनि22:4123:41रात
गुरु23:4100:41रात
मंगल00:4101:41रात
सूर्य01:4102:41रात
शुक्र02:4103:41रात
बुध03:4104:41रात
चंद्र04:4105:42रात
शनि05:4206:42रात

अयनांश 24.2508° (लाहिड़ी)। समय उडुपी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।