27 अप्रैल 2029 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2029, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 अप्रैल 2029 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (19:55 तक), नक्षत्र हस्त (07:19 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 10:38 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:50
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्दशी, 19:55 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
चित्रा, 04:18 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:43 – 07:21सामान्य
लाभ07:21 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:38शुभ
काल10:38 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:33टालें
उद्वेग15:33 – 17:12टालें
चर17:12 – 18:50सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:50 – 20:12टालें
काल20:12 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:16टालें
शुभ00:16 – 01:38शुभ
अमृत01:38 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:21सामान्य
रोग04:21 – 05:42टालें

27 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 19:55 तक
पूर्णिमा 16:06, 28 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 07:19 तक
चित्रा 04:18, 28 अप्रैल तक
स्वाति 01:21, 29 अप्रैल तक
योग
हर्षण 08:04 तक
वज्रअशुभ 03:47, 28 अप्रैल तक
सिद्धि 23:34, 28 अप्रैल तक
करण
गर 09:50 तक
वणिज 19:55 तक
विष्टि (भद्रा) 06:00, 28 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 17:49 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
17:49
चंद्रास्त
04:24
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 04:59
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:38 – 12:17
यमगंड
15:33 – 17:12
गुलिक काल
07:21 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4306:48दिन
बुध06:4807:54दिन
चंद्र07:5409:00दिन
शनि09:0010:05दिन
गुरु10:0511:11दिन
मंगल11:1112:17दिन
सूर्य12:1713:22दिन
शुक्र13:2214:28दिन
बुध14:2815:33दिन
चंद्र15:3316:39दिन
शनि16:3917:45दिन
गुरु17:4518:50दिन
मंगल18:5019:45रात
सूर्य19:4520:39रात
शुक्र20:3921:33रात
बुध21:3322:27रात
चंद्र22:2723:22रात
शनि23:2200:16रात
गुरु00:1601:10रात
मंगल01:1002:05रात
सूर्य02:0502:59रात
शुक्र02:5903:53रात
बुध03:5304:48रात
चंद्र04:4805:42रात

अयनांश 24.2666° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।