वाहन खरीद मुहूर्त 2050
2050 में नई दिल्ली के लिए वाहन खरीद के 94 शुभ दिन, उन समय-अवधियों के साथ जिनमें सभी शर्तें पूरी होती हैं।
वाहन खरीद का अगला मुहूर्त: बुधवार, 5 जनवरी 2050 — 07:14 – 12:26, 13:44 – 03:33 (6 जन॰)
जनवरी 2050 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 5 जन॰ | 07:14 – 12:26 13:44 – 03:33 (6 जन॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| रविवार, 9 जन॰ | 07:15 – 09:21 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 14 जन॰ | 17:17 – 21:28 नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 16 जन॰ | 07:14 – 16:28 17:47 – 00:13 (17 जन॰) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| बुधवार, 19 जन॰ | 07:14 – 12:31 13:51 – 21:32 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 28 जन॰ | 07:11 – 11:13 12:34 – 15:40 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
फ़रवरी 2050 · 7 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 फ़र॰ | 07:08 – 12:34 13:56 – 17:14 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 4 फ़र॰ | 07:07 – 11:13 12:35 – 21:25 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| रविवार, 6 फ़र॰ | 07:06 – 12:06 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: पूर्णिमा |
| शुक्रवार, 11 फ़र॰ | 12:35 – 07:01 (12 फ़र॰) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 13 फ़र॰ | 07:01 – 14:53 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 24 फ़र॰ | 09:08 – 10:00 नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 28 फ़र॰ | 06:47 – 08:13 09:40 – 05:26 (1 मार्च) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
मार्च 2050 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 2 मार्च | 06:51 – 09:57 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 3 मार्च | 12:27 – 14:00 15:27 – 06:43 (4 मार्च) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 4 मार्च | 06:43 – 11:05 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| शुक्रवार, 11 मार्च | 06:35 – 11:02 12:31 – 02:26 (12 मार्च) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| रविवार, 13 मार्च | 06:33 – 11:20 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| सोमवार, 14 मार्च | 12:29 – 04:31 (15 मार्च) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 20 मार्च | 18:32 – 06:24 (21 मार्च) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 21 मार्च | 06:24 – 07:55 09:26 – 13:16 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 27 मार्च | 15:16 – 17:03 18:36 – 06:15 (28 मार्च) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 28 मार्च | 06:15 – 07:48 09:21 – 20:06 नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 30 मार्च | 19:26 – 22:40 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
अप्रैल 2050 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 1 अप्रैल | 06:11 – 10:51 12:25 – 00:53 (2 अप्रैल) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल दशमी |
| बुधवार, 6 अप्रैल | 13:58 – 06:04 (7 अप्रैल) नक्षत्र: हस्त · तिथि: पूर्णिमा |
| गुरुवार, 7 अप्रैल | 06:04 – 13:58 15:32 – 06:03 (8 अप्रैल) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 8 अप्रैल | 06:03 – 10:48 12:23 – 14:50 नक्षत्र: चित्रा · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| सोमवार, 11 अप्रैल | 15:48 – 18:32 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| रविवार, 17 अप्रैल | 05:53 – 17:11 18:48 – 03:11 (18 अप्रैल) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 24 अप्रैल | 05:46 – 11:19 नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 25 अप्रैल | 11:06 – 02:07 (26 अप्रैल) नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल पंचमी |
| बुधवार, 27 अप्रैल | 05:44 – 12:19 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 28 अप्रैल | 15:36 – 05:42 (29 अप्रैल) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 29 अप्रैल | 05:42 – 08:29 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
मई 2050 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 4 मई | 05:38 – 12:18 13:58 – 02:49 (5 मई) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 6 मई | 05:36 – 10:37 12:17 – 00:10 (7 मई) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: पूर्णिमा |
| शुक्रवार, 13 मई | 18:41 – 05:31 (14 मई) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| रविवार, 15 मई | 14:03 – 17:09 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 18 मई | 07:13 – 12:17 नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 23 मई | 05:26 – 07:09 08:52 – 11:12 नक्षत्र: मृगशिरा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 25 मई | 05:25 – 12:18 14:01 – 05:25 (26 मई) नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 26 मई | 05:25 – 14:01 15:44 – 16:39 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
जून 2050 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 1 जून | 05:23 – 12:19 14:03 – 16:14 नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| गुरुवार, 2 जून | 16:59 – 05:23 (3 जून) नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| शुक्रवार, 3 जून | 05:23 – 08:42 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| रविवार, 5 जून | 05:23 – 08:48 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: पूर्णिमा |
| गुरुवार, 9 जून | 06:45 – 14:04 15:49 – 05:22 (10 जून) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| शुक्रवार, 10 जून | 05:22 – 10:36 12:20 – 01:41 (11 जून) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 13 जून | 19:55 – 05:22 (14 जून) नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण दशमी |
| बुधवार, 22 जून | 05:24 – 12:23 14:07 – 16:49 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 27 जून | 11:59 – 03:47 (28 जून) नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| बुधवार, 29 जून | 05:26 – 12:24 14:09 – 05:26 (30 जून) नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: शुक्ल दशमी |
| गुरुवार, 30 जून | 05:26 – 14:09 15:53 – 17:53 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
जुलाई 2050 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 6 जुल॰ | 18:18 – 05:29 (7 जुल॰) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 7 जुल॰ | 05:29 – 14:10 नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 8 जुल॰ | 12:26 – 04:43 (9 जुल॰) नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| सोमवार, 11 जुल॰ | 05:31 – 07:15 08:59 – 00:22 (12 जुल॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| रविवार, 24 जुल॰ | 19:22 – 05:38 (25 जुल॰) नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 25 जुल॰ | 05:38 – 07:20 09:03 – 15:49 नक्षत्र: हस्त · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| बुधवार, 27 जुल॰ | 05:39 – 12:27 14:09 – 19:12 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| शुक्रवार, 29 जुल॰ | 05:41 – 10:45 12:27 – 03:56 (30 जुल॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी |
अगस्त 2050 · 8 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 3 अग॰ | 05:43 – 12:27 14:08 – 04:08 (4 अग॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 5 अग॰ | 05:44 – 10:46 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| रविवार, 7 अग॰ | 08:20 – 17:27 19:07 – 05:46 (8 अग॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी |
| सोमवार, 8 अग॰ | 05:46 – 06:43 नक्षत्र: रेवती · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| गुरुवार, 11 अग॰ | 09:33 – 14:05 15:45 – 05:48 (12 अग॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: कृष्ण दशमी |
| शुक्रवार, 12 अग॰ | 05:48 – 10:46 12:26 – 05:49 (13 अग॰) नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 14 अग॰ | 11:44 – 17:22 19:01 – 05:50 (15 अग॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| सोमवार, 15 अग॰ | 05:50 – 07:29 09:07 – 13:18 नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
सितंबर 2050 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| रविवार, 18 सित॰ | 14:09 – 16:50 18:22 – 06:08 (19 सित॰) नक्षत्र: चित्रा · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| सोमवार, 19 सित॰ | 06:08 – 07:39 09:11 – 16:18 नक्षत्र: चित्रा, स्वाति · तिथि: शुक्ल तृतीया |
| बुधवार, 21 सित॰ | 17:44 – 06:09 (22 सित॰) नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 22 सित॰ | 06:09 – 13:44 15:15 – 19:09 नक्षत्र: अनुराधा · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 26 सित॰ | 17:48 – 06:12 (27 सित॰) नक्षत्र: श्रवण · तिथि: शुक्ल एकादशी |
| बुधवार, 28 सित॰ | 10:07 – 12:11 13:41 – 06:13 (29 सित॰) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
अक्टूबर 2050 · 1 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| बुधवार, 26 अक्टू॰ | 06:28 – 12:04 13:28 – 20:01 नक्षत्र: शतभिषा · तिथि: शुक्ल एकादशी |
नवंबर 2050 · 6 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| शुक्रवार, 4 नव॰ | 06:35 – 10:42 12:04 – 01:18 (5 नव॰) नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण षष्ठी |
| रविवार, 6 नव॰ | 06:36 – 09:38 नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण अष्टमी |
| शुक्रवार, 11 नव॰ | 14:19 – 06:41 (12 नव॰) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 20 नव॰ | 06:47 – 16:05 नक्षत्र: श्रवण · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 21 नव॰ | 14:52 – 06:49 (22 नव॰) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: शुक्ल अष्टमी |
| सोमवार, 28 नव॰ | 17:13 – 06:54 (29 नव॰) नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा |
दिसंबर 2050 · 11 दिन
| तारीख | मुहूर्त |
|---|---|
| गुरुवार, 1 दिस॰ | 15:57 – 17:38 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण तृतीया |
| शुक्रवार, 2 दिस॰ | 17:54 – 06:57 (3 दिस॰) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण पंचमी |
| गुरुवार, 8 दिस॰ | 07:01 – 13:30 14:48 – 07:02 (9 दिस॰) नक्षत्र: हस्त · तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी |
| शुक्रवार, 9 दिस॰ | 07:02 – 10:55 12:13 – 07:02 (10 दिस॰) नक्षत्र: हस्त, चित्रा · तिथि: कृष्ण एकादशी |
| रविवार, 11 दिस॰ | 09:59 – 12:25 नक्षत्र: स्वाति · तिथि: कृष्ण त्रयोदशी |
| रविवार, 18 दिस॰ | 07:07 – 16:09 17:27 – 07:08 (19 दिस॰) नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा · तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी |
| सोमवार, 19 दिस॰ | 07:08 – 08:25 09:43 – 00:50 (20 दिस॰) नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा · तिथि: शुक्ल षष्ठी |
| गुरुवार, 22 दिस॰ | 18:48 – 04:33 (23 दिस॰) नक्षत्र: रेवती · तिथि: शुक्ल दशमी |
| सोमवार, 26 दिस॰ | 07:11 – 08:29 09:46 – 12:25 नक्षत्र: रोहिणी · तिथि: शुक्ल त्रयोदशी |
| गुरुवार, 29 दिस॰ | 07:12 – 10:34 नक्षत्र: पुनर्वसु · तिथि: कृष्ण प्रतिपदा |
| शुक्रवार, 30 दिस॰ | 12:23 – 03:11 (31 दिस॰) नक्षत्र: पुष्य · तिथि: कृष्ण तृतीया |
नई दिल्ली के लिए गणना। समय-अवधियां स्थानीय समय में दिखाई गई हैं; जो अवधि मध्यरात्रि पार करती है, वह उसी दिन की मानी जाती है जिस दिन वह शुरू होती है (हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है)।
प्रयुक्त नियम
वाहन खरीदना एक बड़ी खरीद है, और कई परिवार उसकी डिलीवरी शुभ समय पर लेना पसंद करते हैं। वाहन के लिए चर नक्षत्र सबसे अच्छे माने जाते हैं, साथ ही मृदु और क्षिप्र नक्षत्र भी, अनुकूल तिथि और वार पर। नीचे दी गई समय-अवधियों में उस दिन का राहुकाल शामिल नहीं किया गया है।
- चंद्रमा का नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
- तिथि (शुक्ल पक्ष): तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी, पूर्णिमा; (कृष्ण पक्ष): प्रतिपदा, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
- वार: रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- अधिक मास (मलमास) में कोई मुहूर्त नहीं
- पितृ पक्ष में कोई मुहूर्त नहीं
- केवल वे अवधियां जो रात 9 बजे से पहले शुरू हों
- राहुकाल को समय-अवधियों से बाहर रखा गया है
ये सामान्य रूप से शुभ समय-अवधियां हैं। किसी संस्कार के लिए ज्योतिषी चुने गए क्षण का लग्न और संबंधित व्यक्तियों का तारा बल व चंद्र बल भी देखते हैं — एक ही अवधि किसी एक व्यक्ति के लिए दूसरे की तुलना में अधिक अनुकूल हो सकती है।
ज्योतिषी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाएं किसी अनुभवी ज्योतिषी से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2050 में वाहन खरीद के कितने मुहूर्त हैं?
इस पेज पर दिए गए नियमों के अनुसार 2050 में नई दिल्ली के लिए वाहन खरीद के 94 शुभ दिन हैं।
वाहन खरीद के लिए अगली शुभ तिथि कब है?
अगली शुभ तिथि बुधवार, 5 जनवरी 2050 है, मुहूर्त 07:14 – 12:26, 13:44 – 03:33 (6 जन॰)।
कुछ महीनों में कोई मुहूर्त क्यों नहीं होता?
मौसमी निषेधों के कारण लंबी अवधियां वर्जित हो जाती हैं: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास, अधिक मास, और वे अवधियां जब शुक्र या गुरु अस्त होते हैं। बचे हुए दिनों में भी उपयुक्त नक्षत्र और तिथि का एक साथ होना ज़रूरी है।