5 अप्रैल 2028 को अटलांटा का पंचांग

बुधवार, 5 अप्रैल 2028, अटलांटा, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 5 अप्रैल 2028 को अटलांटा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:29 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:11 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 20:01 पर है। राहुकाल 13:40 से 15:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 20:01
रात 07:17 तक
तिथि
एकादशी, 19:29 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:11 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:29 तक
शुक्ल द्वादशी 16:22, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 09:57, 6 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 00:14, 6 अप्रैल तक
गंडअशुभ 20:30, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 08:55 तक
विष्टि (भद्रा) 19:29 तक
बव 05:57, 6 अप्रैल तक
बालव 16:22, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 12:11 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
20:01
चंद्रोदय
16:03
चंद्रास्त
04:42
दिनमान
12h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:48 – 06:33
अभिजीत मुहूर्त
13:14 – 14:05 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
13:40 – 15:15
यमगंड
08:54 – 10:29
गुलिक काल
12:04 – 13:40

5 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:18 – 08:54शुभ
अमृत08:54 – 10:29शुभ
काल10:29 – 12:04टालें
शुभ12:04 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:50टालें
चर16:50 – 18:26सामान्य
लाभ18:26 – 20:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग20:01 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:15शुभ
चर00:15 – 01:39सामान्य
रोग01:39 – 03:04टालें
काल03:04 – 04:28टालें
लाभ04:28 – 05:53शुभ
उद्वेग05:53 – 07:17टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1808:22दिन
चंद्र08:2209:26दिन
शनि09:2610:29दिन
गुरु10:2911:33दिन
मंगल11:3312:36दिन
सूर्य12:3613:40दिन
शुक्र13:4014:43दिन
बुध14:4315:47दिन
चंद्र15:4716:50दिन
शनि16:5017:54दिन
गुरु17:5418:58दिन
मंगल18:5820:01दिन
सूर्य20:0120:57रात
शुक्र20:5721:54रात
बुध21:5422:50रात
चंद्र22:5023:46रात
शनि23:4600:43रात
गुरु00:4301:39रात
मंगल01:3902:35रात
सूर्य02:3503:32रात
शुक्र03:3204:28रात
बुध04:2805:24रात
चंद्र05:2406:21रात
शनि06:2107:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
19 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
4 मई 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां अटलांटा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2518° (लाहिड़ी)। समय अटलांटा (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।