4 जनवरी 2026 को बोस्टन का पंचांग

रविवार, 4 जनवरी 2026, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 4 जनवरी 2026 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (23:27 तक), नक्षत्र पुष्य (02:55, 5 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 16:25 पर है। राहुकाल 15:16 से 16:25 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 16:25
रात 07:13 तक
तिथि
द्वितीया, 23:27 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुष्य, 02:55 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 23:27 तक
कृष्ण तृतीया 21:32, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 02:55, 5 जन॰ तक
आश्लेषा 01:47, 6 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 15:17 तक
विष्कंभअशुभ 12:17, 5 जन॰ तक
करण
तैतिल 12:39 तक
गर 23:27 तक
वणिज 10:24, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
16:25
चंद्रोदय
17:56
चंद्रास्त
08:30
दिनमान
9h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
15:16 – 16:25
यमगंड
11:49 – 12:58
गुलिक काल
14:07 – 15:16

4 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:13 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 10:40शुभ
अमृत10:40 – 11:49शुभ
काल11:49 – 12:58टालें
शुभ12:58 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:16टालें
उद्वेग15:16 – 16:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:25 – 18:16शुभ
अमृत18:16 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:58सामान्य
रोग21:58 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:40टालें
लाभ01:40 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 05:22टालें
शुभ05:22 – 07:13शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1307:59दिन
शुक्र07:5908:45दिन
बुध08:4509:31दिन
चंद्र09:3110:17दिन
शनि10:1711:03दिन
गुरु11:0311:49दिन
मंगल11:4912:35दिन
सूर्य12:3513:21दिन
शुक्र13:2114:07दिन
बुध14:0714:53दिन
चंद्र14:5315:39दिन
शनि15:3916:25दिन
गुरु16:2517:39रात
मंगल17:3918:53रात
सूर्य18:5320:07रात
शुक्र20:0721:21रात
बुध21:2122:35रात
चंद्र22:3523:49रात
शनि23:4901:03रात
गुरु01:0302:17रात
मंगल02:1703:31रात
सूर्य03:3104:45रात
शुक्र04:4505:59रात
बुध05:5907:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2204° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।