10 जनवरी 2026 को बोस्टन का पंचांग

शनिवार, 10 जनवरी 2026, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (23:50 तक), नक्षत्र चित्रा (07:42, 11 जन॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 16:31 पर है। राहुकाल 09:32 से 10:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 16:31
रात 07:12 तक
तिथि
अष्टमी, 23:50 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 23:50 तक
कृष्ण नवमी 02:13, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 07:42, 11 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 06:57, 11 जन॰ तक
धृति 07:42, 12 जन॰ तक
करण
बालव 10:48 तक
कौलव 23:50 तक
तैतिल 12:59, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 18:22 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
16:31
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:52
दिनमान
9h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
09:32 – 10:42
यमगंड
13:01 – 14:11
गुलिक काल
07:12 – 08:22

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:12 – 08:22टालें
शुभ08:22 – 09:32शुभ
रोग09:32 – 10:42टालें
उद्वेग10:42 – 11:51टालें
चर11:51 – 13:01सामान्य
लाभ13:01 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:21शुभ
काल15:21 – 16:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:31 – 18:21शुभ
उद्वेग18:21 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 22:01शुभ
अमृत22:01 – 23:51शुभ
चर23:51 – 01:41सामान्य
रोग01:41 – 03:32टालें
काल03:32 – 05:22टालें
लाभ05:22 – 07:12शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1207:59दिन
गुरु07:5908:45दिन
मंगल08:4509:32दिन
सूर्य09:3210:18दिन
शुक्र10:1811:05दिन
बुध11:0511:51दिन
चंद्र11:5112:38दिन
शनि12:3813:25दिन
गुरु13:2514:11दिन
मंगल14:1114:58दिन
सूर्य14:5815:44दिन
शुक्र15:4416:31दिन
बुध16:3117:44रात
चंद्र17:4418:58रात
शनि18:5820:11रात
गुरु20:1121:24रात
मंगल21:2422:38रात
सूर्य22:3823:51रात
शुक्र23:5101:05रात
बुध01:0502:18रात
चंद्र02:1803:32रात
शनि03:3204:45रात
गुरु04:4505:58रात
मंगल05:5807:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।