11 जनवरी 2026 को बोस्टन का पंचांग

रविवार, 11 जनवरी 2026, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 11 जनवरी 2026 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (02:13, 12 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (07:42 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 16:32 पर है। राहुकाल 15:22 से 16:32 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 16:32
रात 07:11 तक
तिथि
नवमी, 02:13 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 02:13, 12 जन॰ तक
कृष्ण दशमी 04:48, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 07:42 तक
स्वाति 10:35, 12 जन॰ तक
योग
धृति 07:42, 12 जन॰ तक
करण
तैतिल 12:59 तक
गर 02:13, 12 जन॰ तक
वणिज 15:30, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
16:32
चंद्रोदय
00:51
चंद्रास्त
11:13
दिनमान
9h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
15:22 – 16:32
यमगंड
11:52 – 13:02
गुलिक काल
14:12 – 15:22

11 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:12 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:32सामान्य
लाभ09:32 – 10:42शुभ
अमृत10:42 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:02टालें
शुभ13:02 – 14:12शुभ
रोग14:12 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:32 – 18:22शुभ
अमृत18:22 – 20:12शुभ
चर20:12 – 22:02सामान्य
रोग22:02 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:42टालें
लाभ01:42 – 03:32शुभ
उद्वेग03:32 – 05:22टालें
शुभ05:22 – 07:11शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1207:58दिन
शुक्र07:5808:45दिन
बुध08:4509:32दिन
चंद्र09:3210:19दिन
शनि10:1911:05दिन
गुरु11:0511:52दिन
मंगल11:5212:39दिन
सूर्य12:3913:25दिन
शुक्र13:2514:12दिन
बुध14:1214:59दिन
चंद्र14:5915:45दिन
शनि15:4516:32दिन
गुरु16:3217:45रात
मंगल17:4518:59रात
सूर्य18:5920:12रात
शुक्र20:1221:25रात
बुध21:2522:38रात
चंद्र22:3823:52रात
शनि23:5201:05रात
गुरु01:0502:18रात
मंगल02:1803:32रात
सूर्य03:3204:45रात
शुक्र04:4505:58रात
बुध05:5807:11रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।