23 जनवरी 2027 को बोस्टन का पंचांग

शनिवार, 23 जनवरी 2027, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 23 जनवरी 2027 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:27, 24 जन॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (18:23 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 16:46 पर है। राहुकाल 09:31 से 10:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 16:46
रात 07:05 तक
तिथि
द्वितीया, 00:27 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 18:23 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:27, 24 जन॰ तक
कृष्ण तृतीया 21:40, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 16:11, 24 जन॰ तक
योग
आयुष्मान 19:10 तक
सौभाग्य 15:33, 24 जन॰ तक
करण
तैतिल 14:02 तक
गर 00:27, 24 जन॰ तक
वणिज 11:00, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 18:23 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
16:46
चंद्रोदय
18:29
चंद्रास्त
07:53
दिनमान
9h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
09:31 – 10:43
यमगंड
13:08 – 14:21
गुलिक काल
07:05 – 08:18

23 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:05 – 08:18टालें
शुभ08:18 – 09:31शुभ
रोग09:31 – 10:43टालें
उद्वेग10:43 – 11:56टालें
चर11:56 – 13:08सामान्य
लाभ13:08 – 14:21शुभ
अमृत14:21 – 15:33शुभ
काल15:33 – 16:46टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:46 – 18:33शुभ
उद्वेग18:33 – 20:21टालें
शुभ20:21 – 22:08शुभ
अमृत22:08 – 23:55शुभ
चर23:55 – 01:43सामान्य
रोग01:43 – 03:30टालें
काल03:30 – 05:17टालें
लाभ05:17 – 07:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0507:54दिन
गुरु07:5408:42दिन
मंगल08:4209:31दिन
सूर्य09:3110:19दिन
शुक्र10:1911:07दिन
बुध11:0711:56दिन
चंद्र11:5612:44दिन
शनि12:4413:33दिन
गुरु13:3314:21दिन
मंगल14:2115:09दिन
सूर्य15:0915:58दिन
शुक्र15:5816:46दिन
बुध16:4617:58रात
चंद्र17:5819:09रात
शनि19:0920:21रात
गुरु20:2121:32रात
मंगल21:3222:44रात
सूर्य22:4423:55रात
शुक्र23:5501:07रात
बुध01:0702:18रात
चंद्र02:1803:30रात
शनि03:3004:42रात
गुरु04:4205:53रात
मंगल05:5307:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
12 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2351° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।