22 मार्च 2028 को बोस्टन का पंचांग

बुधवार, 22 मार्च 2028, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 22 मार्च 2028 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (17:26 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (01:52, 23 मार्च तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:59
रात 06:41 तक
तिथि
द्वादशी, 17:26 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 01:52 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 मार्च 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 17:26 तक
कृष्ण त्रयोदशी 20:04, 23 मार्च तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 01:52, 23 मार्च तक
शतभिषा 04:54, 24 मार्च तक
योग
सिद्ध 15:28 तक
साध्य 16:29, 23 मार्च तक
करण
तैतिल 17:26 तक
गर 06:46, 23 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 12:18 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
05:01
चंद्रास्त
15:50
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:15 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:23
यमगंड
08:15 – 09:47
गुलिक काल
11:19 – 12:51

22 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:43 – 08:15शुभ
अमृत08:15 – 09:47शुभ
काल09:47 – 11:19टालें
शुभ11:19 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:23टालें
उद्वेग14:23 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:27सामान्य
लाभ17:27 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:59 – 20:27टालें
शुभ20:27 – 21:54शुभ
अमृत21:54 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:50सामान्य
रोग00:50 – 02:18टालें
काल02:18 – 03:45टालें
लाभ03:45 – 05:13शुभ
उद्वेग05:13 – 06:41टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4307:44दिन
चंद्र07:4408:45दिन
शनि08:4509:47दिन
गुरु09:4710:48दिन
मंगल10:4811:49दिन
सूर्य11:4912:51दिन
शुक्र12:5113:52दिन
बुध13:5214:53दिन
चंद्र14:5315:55दिन
शनि15:5516:56दिन
गुरु16:5617:58दिन
मंगल17:5818:59दिन
सूर्य18:5919:57रात
शुक्र19:5720:56रात
बुध20:5621:54रात
चंद्र21:5422:53रात
शनि22:5323:51रात
गुरु23:5100:50रात
मंगल00:5001:48रात
सूर्य01:4802:47रात
शुक्र02:4703:45रात
बुध03:4504:44रात
चंद्र04:4405:42रात
शनि05:4206:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2513° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।