29 जनवरी 2029 को बोस्टन का पंचांग

सोमवार, 29 जनवरी 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 29 जनवरी 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (01:03, 30 जन॰ तक), नक्षत्र पुष्य (01:33, 30 जन॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 16:54
रात 06:59 तक
तिथि
पूर्णिमा, 01:03 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 01:33 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 01:03, 30 जन॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 22:19, 30 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 01:33, 30 जन॰ तक
आश्लेषा 23:31, 30 जन॰ तक
योग
प्रीति 15:36 तक
आयुष्मान 12:17, 30 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:17 तक
बव 01:03, 30 जन॰ तक
बालव 11:43, 30 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
16:32
चंद्रास्त
06:25
दिनमान
9h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:29
यमगंड
10:43 – 11:57
गुलिक काल
13:11 – 14:26

29 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:00 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:43शुभ
रोग10:43 – 11:57टालें
उद्वेग11:57 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:26सामान्य
लाभ14:26 – 15:40शुभ
अमृत15:40 – 16:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:54 – 18:40सामान्य
रोग18:40 – 20:26टालें
काल20:26 – 22:11टालें
लाभ22:11 – 23:57शुभ
उद्वेग23:57 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:59सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0007:49दिन
शनि07:4908:39दिन
गुरु08:3909:29दिन
मंगल09:2910:18दिन
सूर्य10:1811:08दिन
शुक्र11:0811:57दिन
बुध11:5712:47दिन
चंद्र12:4713:36दिन
शनि13:3614:26दिन
गुरु14:2615:15दिन
मंगल15:1516:05दिन
सूर्य16:0516:54दिन
शुक्र16:5418:05रात
बुध18:0519:15रात
चंद्र19:1520:26रात
शनि20:2621:36रात
गुरु21:3622:46रात
मंगल22:4623:57रात
सूर्य23:5701:07रात
शुक्र01:0702:17रात
बुध02:1703:28रात
चंद्र03:2804:38रात
शनि04:3805:49रात
गुरु05:4906:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 फ़र॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
26 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2633° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।