7 नवंबर 2029 को बोस्टन का पंचांग

बुधवार, 7 नवंबर 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

बुधवार, 7 नवंबर 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (16:07 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:03 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 16:29 पर है। राहुकाल 11:27 से 12:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 16:29
रात 06:26 तक
तिथि
द्वितीया, 16:07 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 18:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 16:07 तक
शुक्ल तृतीया 13:03, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 15:47, 8 नव॰ तक
योग
शोभन 15:43 तक
अतिगंडअशुभ 11:59, 8 नव॰ तक
करण
कौलव 16:07 तक
तैतिल 02:31, 8 नव॰ तक
गर 13:03, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
16:29
चंद्रोदय
08:18
चंद्रास्त
17:35
दिनमान
10h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:27 – 12:43
यमगंड
07:41 – 08:56
गुलिक काल
10:12 – 11:27

7 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:25 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:27शुभ
रोग11:27 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 13:58टालें
चर13:58 – 15:14सामान्य
लाभ15:14 – 16:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:29 – 18:14टालें
शुभ18:14 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:43शुभ
चर21:43 – 23:28सामान्य
रोग23:28 – 01:12टालें
काल01:12 – 02:57टालें
लाभ02:57 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:26टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2507:15दिन
चंद्र07:1508:06दिन
शनि08:0608:56दिन
गुरु08:5609:46दिन
मंगल09:4610:37दिन
सूर्य10:3711:27दिन
शुक्र11:2712:18दिन
बुध12:1813:08दिन
चंद्र13:0813:58दिन
शनि13:5814:49दिन
गुरु14:4915:39दिन
मंगल15:3916:29दिन
सूर्य16:2917:39रात
शुक्र17:3918:49रात
बुध18:4919:59रात
चंद्र19:5921:08रात
शनि21:0822:18रात
गुरु22:1823:28रात
मंगल23:2800:38रात
सूर्य00:3801:47रात
शुक्र01:4702:57रात
बुध02:5704:07रात
चंद्र04:0705:16रात
शनि05:1606:26रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।