10 जनवरी 2025 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 10 जनवरी 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (20:52 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:59, 11 जन॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 16:39 पर है। राहुकाल 10:48 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 16:39
रात 07:17 तक
तिथि
द्वादशी, 20:52 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 20:52 तक
शुक्ल त्रयोदशी 19:04, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:59, 11 जन॰ तक
मृगशिरा 23:54, 11 जन॰ तक
योग
शुक्ल 00:18, 11 जन॰ तक
ब्रह्म 21:39, 11 जन॰ तक
करण
बव 09:50 तक
बालव 20:52 तक
कौलव 07:56, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
16:39
चंद्रोदय
13:15
चंद्रास्त
04:21
दिनमान
9h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 11:58
यमगंड
14:18 – 15:29
गुलिक काल
08:27 – 09:37

10 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:17 – 08:27सामान्य
लाभ08:27 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 10:48शुभ
काल10:48 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:08शुभ
रोग13:08 – 14:18टालें
उद्वेग14:18 – 15:29टालें
चर15:29 – 16:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:39 – 18:29टालें
काल18:29 – 20:18टालें
लाभ20:18 – 22:08शुभ
उद्वेग22:08 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:27सामान्य
रोग05:27 – 07:17टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1708:04दिन
बुध08:0408:51दिन
चंद्र08:5109:37दिन
शनि09:3710:24दिन
गुरु10:2411:11दिन
मंगल11:1111:58दिन
सूर्य11:5812:45दिन
शुक्र12:4513:32दिन
बुध13:3214:18दिन
चंद्र14:1815:05दिन
शनि15:0515:52दिन
गुरु15:5216:39दिन
मंगल16:3917:52रात
सूर्य17:5219:05रात
शुक्र19:0520:18रात
बुध20:1821:31रात
चंद्र21:3122:45रात
शनि22:4523:58रात
गुरु23:5801:11रात
मंगल01:1102:24रात
सूर्य02:2403:37रात
शुक्र03:3704:50रात
बुध04:5006:03रात
चंद्र06:0307:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2067° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।