15 जनवरी 2025 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 15 जनवरी 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 15 जनवरी 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:53 तक), नक्षत्र आश्लेषा (23:46 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 16:44 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 16:44
रात 07:15 तक
तिथि
द्वितीया, 15:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 23:46 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:53 तक
कृष्ण तृतीया 16:36, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 01:15, 17 जन॰ तक
योग
प्रीति 14:16 तक
आयुष्मान 13:35, 16 जन॰ तक
करण
गर 15:53 तक
वणिज 04:09, 16 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:36, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 23:46 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
16:44
चंद्रोदय
18:43
चंद्रास्त
08:40
दिनमान
9h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:19 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:11
यमगंड
08:26 – 09:37
गुलिक काल
10:49 – 12:00

15 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:15 – 08:26शुभ
अमृत08:26 – 09:37शुभ
काल09:37 – 10:49टालें
शुभ10:49 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:33सामान्य
लाभ15:33 – 16:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:44 – 18:33टालें
शुभ18:33 – 20:22शुभ
अमृत20:22 – 22:11शुभ
चर22:11 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:37टालें
लाभ03:37 – 05:26शुभ
उद्वेग05:26 – 07:15टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1508:02दिन
चंद्र08:0208:50दिन
शनि08:5009:37दिन
गुरु09:3710:25दिन
मंगल10:2511:12दिन
सूर्य11:1212:00दिन
शुक्र12:0012:47दिन
बुध12:4713:35दिन
चंद्र13:3514:22दिन
शनि14:2215:10दिन
गुरु15:1015:57दिन
मंगल15:5716:44दिन
सूर्य16:4417:57रात
शुक्र17:5719:10रात
बुध19:1020:22रात
चंद्र20:2221:35रात
शनि21:3522:47रात
गुरु22:4700:00रात
मंगल00:0001:12रात
सूर्य01:1202:25रात
शुक्र02:2503:37रात
बुध03:3704:50रात
चंद्र04:5006:02रात
शनि06:0207:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।