26 मार्च 2025 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 26 मार्च 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 26 मार्च 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (15:13 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (15:59 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 12:56 से 14:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 19:09
रात 06:41 तक
तिथि
द्वादशी, 15:13 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 15:59 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 15:13 तक
कृष्ण त्रयोदशी 12:33, 27 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:03, 27 मार्च तक
योग
साध्य 22:54 तक
शुभ 19:26, 27 मार्च तक
करण
तैतिल 15:13 तक
गर 01:57, 27 मार्च तक
वणिज 12:33, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
15:57
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:56 – 14:29
यमगंड
08:16 – 09:49
गुलिक काल
11:23 – 12:56

26 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:16शुभ
अमृत08:16 – 09:49शुभ
काल09:49 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:36सामान्य
लाभ17:36 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:09 – 20:36टालें
शुभ20:36 – 22:02शुभ
अमृत22:02 – 23:29शुभ
चर23:29 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:21टालें
काल02:21 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:14शुभ
उद्वेग05:14 – 06:41टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:45दिन
चंद्र07:4508:47दिन
शनि08:4709:49दिन
गुरु09:4910:51दिन
मंगल10:5111:54दिन
सूर्य11:5412:56दिन
शुक्र12:5613:58दिन
बुध13:5815:00दिन
चंद्र15:0016:03दिन
शनि16:0317:05दिन
गुरु17:0518:07दिन
मंगल18:0719:09दिन
सूर्य19:0920:07रात
शुक्र20:0721:05रात
बुध21:0522:02रात
चंद्र22:0223:00रात
शनि23:0023:57रात
गुरु23:5700:55रात
मंगल00:5501:53रात
सूर्य01:5302:50रात
शुक्र02:5003:48रात
बुध03:4804:46रात
चंद्र04:4605:43रात
शनि05:4306:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 अप्रैल 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2095° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।