1 सितंबर 2025 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 1 सितंबर 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 1 सितंबर 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (16:13 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (09:25 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 07:54 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 19:23
रात 06:17 तक
तिथि
नवमी, 16:13 तक
दशमी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 16:13 तक
शुक्ल दशमी 17:23, 2 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 11:21, 2 सित॰ तक
योग
प्रीति 06:09, 2 सित॰ तक
आयुष्मान 05:47, 3 सित॰ तक
करण
कौलव 16:13 तक
तैतिल 04:53, 2 सित॰ तक
गर 17:23, 2 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
15:51
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
07:54 – 09:33
यमगंड
11:11 – 12:50
गुलिक काल
14:28 – 16:06

1 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:16 – 07:54शुभ
काल07:54 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:11शुभ
रोग11:11 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:28टालें
चर14:28 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:45शुभ
अमृत17:45 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:23 – 20:45सामान्य
रोग20:45 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:28टालें
लाभ23:28 – 00:50शुभ
उद्वेग00:50 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:34शुभ
अमृत03:34 – 04:55शुभ
चर04:55 – 06:17सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1607:22दिन
शनि07:2208:27दिन
गुरु08:2709:33दिन
मंगल09:3310:38दिन
सूर्य10:3811:44दिन
शुक्र11:4412:50दिन
बुध12:5013:55दिन
चंद्र13:5515:01दिन
शनि15:0116:06दिन
गुरु16:0617:12दिन
मंगल17:1218:17दिन
सूर्य18:1719:23दिन
शुक्र19:2320:17रात
बुध20:1721:12रात
चंद्र21:1222:06रात
शनि22:0623:01रात
गुरु23:0123:56रात
मंगल23:5600:50रात
सूर्य00:5001:45रात
शुक्र01:4502:39रात
बुध02:3903:34रात
चंद्र03:3404:28रात
शनि04:2805:23रात
गुरु05:2306:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।