31 अगस्त 2025 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 31 अगस्त 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 31 अगस्त 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (14:28 तक), नक्षत्र अनुराधा (06:57 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 17:46 से 19:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 19:25
रात 06:16 तक
तिथि
अष्टमी, 14:28 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 14:28 तक
शुक्ल नवमी 16:13, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:25, 1 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 06:01, 1 सित॰ तक
प्रीति 06:09, 2 सित॰ तक
करण
बव 14:28 तक
बालव 03:24, 1 सित॰ तक
कौलव 16:13, 1 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
14:54
चंद्रास्त
23:23
दिनमान
13h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:16

अशुभ समय

राहुकाल
17:46 – 19:25
यमगंड
12:50 – 14:29
गुलिक काल
16:07 – 17:46

31 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:15 – 07:54टालें
चर07:54 – 09:32सामान्य
लाभ09:32 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:50शुभ
काल12:50 – 14:29टालें
शुभ14:29 – 16:07शुभ
रोग16:07 – 17:46टालें
उद्वेग17:46 – 19:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:25 – 20:46शुभ
अमृत20:46 – 22:07शुभ
चर22:07 – 23:29सामान्य
रोग23:29 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:33शुभ
उद्वेग03:33 – 04:55टालें
शुभ04:55 – 06:16शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1507:21दिन
शुक्र07:2108:27दिन
बुध08:2709:32दिन
चंद्र09:3210:38दिन
शनि10:3811:44दिन
गुरु11:4412:50दिन
मंगल12:5013:56दिन
सूर्य13:5615:01दिन
शुक्र15:0116:07दिन
बुध16:0717:13दिन
चंद्र17:1318:19दिन
शनि18:1919:25दिन
गुरु19:2520:19रात
मंगल20:1921:13रात
सूर्य21:1322:07रात
शुक्र22:0723:02रात
बुध23:0223:56रात
चंद्र23:5600:50रात
शनि00:5001:45रात
गुरु01:4502:39रात
मंगल02:3903:33रात
सूर्य03:3304:28रात
शुक्र04:2805:22रात
बुध05:2206:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।