12 जनवरी 2026 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 12 जनवरी 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 12 जनवरी 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (03:48, 13 जन॰ तक), नक्षत्र स्वाति (09:35 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:16 पर और सूर्यास्त 16:41 पर है। राहुकाल 08:27 से 09:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:16 – 16:41
रात 07:16 तक
तिथि
दशमी, 03:48 तक
एकादशी
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 03:48, 13 जन॰ तक
कृष्ण एकादशी 06:23, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 09:35 तक
विशाखा 12:36, 13 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:34, 13 जन॰ तक
करण
वणिज 14:30 तक
विष्टि (भद्रा) 03:48, 13 जन॰ तक
बव 17:06, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 05:51, 13 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:16
सूर्यास्त
16:41
चंद्रोदय
02:02
चंद्रास्त
11:46
दिनमान
9h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:18
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
08:27 – 09:37
यमगंड
10:48 – 11:59
गुलिक काल
13:09 – 14:20

12 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:16 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 11:59टालें
उद्वेग11:59 – 13:09टालें
चर13:09 – 14:20सामान्य
लाभ14:20 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 16:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:41 – 18:30सामान्य
रोग18:30 – 20:20टालें
काल20:20 – 22:09टालें
लाभ22:09 – 23:58शुभ
उद्वेग23:58 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:37शुभ
अमृत03:37 – 05:27शुभ
चर05:27 – 07:16सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1608:03दिन
शनि08:0308:50दिन
गुरु08:5009:37दिन
मंगल09:3710:24दिन
सूर्य10:2411:12दिन
शुक्र11:1211:59दिन
बुध11:5912:46दिन
चंद्र12:4613:33दिन
शनि13:3314:20दिन
गुरु14:2015:07दिन
मंगल15:0715:54दिन
सूर्य15:5416:41दिन
शुक्र16:4117:54रात
बुध17:5419:07रात
चंद्र19:0720:20रात
शनि20:2021:33रात
गुरु21:3322:45रात
मंगल22:4523:58रात
सूर्य23:5801:11रात
शुक्र01:1102:24रात
बुध02:2403:37रात
चंद्र03:3704:50रात
शनि04:5006:03रात
गुरु06:0307:16रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।