19 जनवरी 2026 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 19 जनवरी 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 19 जनवरी 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (14:44 तक), नक्षत्र श्रवण (01:37, 20 जन॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 16:49 पर है। राहुकाल 08:25 से 09:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 16:49
रात 07:12 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:44 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 01:37 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 14:44 तक
शुक्ल द्वितीया 15:13, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 01:37, 20 जन॰ तक
धनिष्ठा 02:28, 21 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 09:15 तक
सिद्धि 08:31, 20 जन॰ तक
करण
बव 14:44 तक
बालव 03:01, 20 जन॰ तक
कौलव 15:13, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
16:49
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
17:46
दिनमान
9h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:25 – 09:37
यमगंड
10:49 – 12:01
गुलिक काल
13:13 – 14:25

19 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:13 – 08:25शुभ
काल08:25 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:13टालें
चर13:13 – 14:25सामान्य
लाभ14:25 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 16:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:49 – 18:37सामान्य
रोग18:37 – 20:25टालें
काल20:25 – 22:13टालें
लाभ22:13 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:49टालें
शुभ01:49 – 03:37शुभ
अमृत03:37 – 05:24शुभ
चर05:24 – 07:12सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1308:01दिन
शनि08:0108:49दिन
गुरु08:4909:37दिन
मंगल09:3710:25दिन
सूर्य10:2511:13दिन
शुक्र11:1312:01दिन
बुध12:0112:49दिन
चंद्र12:4913:37दिन
शनि13:3714:25दिन
गुरु14:2515:13दिन
मंगल15:1316:01दिन
सूर्य16:0116:49दिन
शुक्र16:4918:01रात
बुध18:0119:13रात
चंद्र19:1320:25रात
शनि20:2521:37रात
गुरु21:3722:49रात
मंगल22:4900:01रात
सूर्य00:0101:13रात
शुक्र01:1302:25रात
बुध02:2503:37रात
चंद्र03:3704:48रात
शनि04:4806:00रात
गुरु06:0007:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।