20 जनवरी 2026 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 20 जनवरी 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:13 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (02:28, 21 जन॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 16:50 पर है। राहुकाल 14:26 से 15:38 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 16:50
रात 07:12 तक
तिथि
द्वितीया, 15:13 तक
तृतीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 02:28 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:13 तक
शुक्ल तृतीया 15:17, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 02:28, 21 जन॰ तक
शतभिषा 02:57, 22 जन॰ तक
योग
सिद्धि 08:31 तक
व्यतीपातअशुभ 07:28, 21 जन॰ तक
करण
कौलव 15:13 तक
तैतिल 03:18, 21 जन॰ तक
गर 15:17, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 14:05 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
16:50
चंद्रोदय
08:27
चंद्रास्त
18:55
दिनमान
9h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
14:26 – 15:38
यमगंड
09:37 – 10:49
गुलिक काल
12:01 – 13:14

20 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:12 – 08:25टालें
उद्वेग08:25 – 09:37टालें
चर09:37 – 10:49सामान्य
लाभ10:49 – 12:01शुभ
अमृत12:01 – 13:14शुभ
काल13:14 – 14:26टालें
शुभ14:26 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 16:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:50 – 18:38टालें
लाभ18:38 – 20:26शुभ
उद्वेग20:26 – 22:13टालें
शुभ22:13 – 00:01शुभ
अमृत00:01 – 01:49शुभ
चर01:49 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:24टालें
काल05:24 – 07:12टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1208:01दिन
सूर्य08:0108:49दिन
शुक्र08:4909:37दिन
बुध09:3710:25दिन
चंद्र10:2511:13दिन
शनि11:1312:01दिन
गुरु12:0112:49दिन
मंगल12:4913:38दिन
सूर्य13:3814:26दिन
शुक्र14:2615:14दिन
बुध15:1416:02दिन
चंद्र16:0216:50दिन
शनि16:5018:02रात
गुरु18:0219:14रात
मंगल19:1420:26रात
सूर्य20:2621:37रात
शुक्र21:3722:49रात
बुध22:4900:01रात
चंद्र00:0101:13रात
शनि01:1302:25रात
गुरु02:2503:36रात
मंगल03:3604:48रात
सूर्य04:4806:00रात
शुक्र06:0007:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।