1 मार्च 2026 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 1 मार्च 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 1 मार्च 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (07:39 तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:21 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 16:16 से 17:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 17:40
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:21 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 07:39 तक
शुक्ल चतुर्दशी 06:26, 2 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 20:01, 2 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:49, 2 मार्च तक
सुकर्मा 22:54, 2 मार्च तक
करण
तैतिल 07:39 तक
गर 19:00 तक
वणिज 06:26, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 20:21 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
15:52
चंद्रास्त
05:36
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
16:16 – 17:40
यमगंड
12:03 – 13:27
गुलिक काल
14:51 – 16:16

1 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:25 – 07:49टालें
चर07:49 – 09:14सामान्य
लाभ09:14 – 10:38शुभ
अमृत10:38 – 12:03शुभ
काल12:03 – 13:27टालें
शुभ13:27 – 14:51शुभ
रोग14:51 – 16:16टालें
उद्वेग16:16 – 17:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:40 – 19:16शुभ
अमृत19:16 – 20:51शुभ
चर20:51 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:37टालें
लाभ01:37 – 03:12शुभ
उद्वेग03:12 – 04:48टालें
शुभ04:48 – 06:23शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2507:21दिन
शुक्र07:2108:17दिन
बुध08:1709:14दिन
चंद्र09:1410:10दिन
शनि10:1011:06दिन
गुरु11:0612:03दिन
मंगल12:0312:59दिन
सूर्य12:5913:55दिन
शुक्र13:5514:51दिन
बुध14:5115:48दिन
चंद्र15:4816:44दिन
शनि16:4417:40दिन
गुरु17:4018:44रात
मंगल18:4419:48रात
सूर्य19:4820:51रात
शुक्र20:5121:55रात
बुध21:5522:58रात
चंद्र22:5800:02रात
शनि00:0201:05रात
गुरु01:0502:09रात
मंगल02:0903:12रात
सूर्य03:1204:16रात
शुक्र04:1605:20रात
बुध05:2006:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
2 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।