1 अक्टूबर 2026 को शिकागो का पंचांग

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:45 तक), नक्षत्र रोहिणी (17:57 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 14:07 से 15:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:31
रात 06:48 तक
तिथि
षष्ठी, 23:45 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी, 17:57 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:45 तक
कृष्ण सप्तमी 21:30, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:57 तक
मृगशिरा 16:25, 2 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 10:48 तक
व्यतीपातअशुभ 07:47, 2 अक्टू॰ तक
करण
गर 12:55 तक
वणिज 23:45 तक
विष्टि (भद्रा) 10:37, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 05:10, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
21:28
चंद्रास्त
12:48
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
14:07 – 15:35
यमगंड
06:47 – 08:15
गुलिक काल
09:43 – 11:11

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:47 – 08:15शुभ
रोग08:15 – 09:43टालें
उद्वेग09:43 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:39सामान्य
लाभ12:39 – 14:07शुभ
अमृत14:07 – 15:35शुभ
काल15:35 – 17:03टालें
शुभ17:03 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 20:04शुभ
चर20:04 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 23:08टालें
काल23:08 – 00:40टालें
लाभ00:40 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:16शुभ
अमृत05:16 – 06:48शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4707:46दिन
मंगल07:4608:44दिन
सूर्य08:4409:43दिन
शुक्र09:4310:42दिन
बुध10:4211:41दिन
चंद्र11:4112:39दिन
शनि12:3913:38दिन
गुरु13:3814:37दिन
मंगल14:3715:35दिन
सूर्य15:3516:34दिन
शुक्र16:3417:33दिन
बुध17:3318:31दिन
चंद्र18:3119:33रात
शनि19:3320:34रात
गुरु20:3421:36रात
मंगल21:3622:37रात
सूर्य22:3723:38रात
शुक्र23:3800:40रात
बुध00:4001:41रात
चंद्र01:4102:43रात
शनि02:4303:44रात
गुरु03:4404:45रात
मंगल04:4505:47रात
सूर्य05:4706:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।