24 अक्टूबर 2026 को शिकागो का पंचांग

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (01:26, 25 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:02 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 09:53 से 11:14 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:55
रात 07:14 तक
तिथि
चतुर्दशी, 01:26 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 01:26, 25 अक्टू॰ तक
पूर्णिमा 23:11, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:52, 25 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 09:31 तक
हर्षण 06:52, 25 अक्टू॰ तक
वज्रअशुभ 03:47, 26 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:21 तक
वणिज 01:26, 25 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:22, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
16:53
चंद्रास्त
05:26
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
09:53 – 11:14
यमगंड
13:54 – 15:14
गुलिक काल
07:13 – 08:33

24 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:13 – 08:33टालें
शुभ08:33 – 09:53शुभ
रोग09:53 – 11:14टालें
उद्वेग11:14 – 12:34टालें
चर12:34 – 13:54सामान्य
लाभ13:54 – 15:14शुभ
अमृत15:14 – 16:35शुभ
काल16:35 – 17:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:55 – 19:35शुभ
उद्वेग19:35 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:55शुभ
अमृत22:55 – 00:34शुभ
चर00:34 – 02:14सामान्य
रोग02:14 – 03:54टालें
काल03:54 – 05:34टालें
लाभ05:34 – 07:14शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1308:06दिन
गुरु08:0609:00दिन
मंगल09:0009:53दिन
सूर्य09:5310:47दिन
शुक्र10:4711:40दिन
बुध11:4012:34दिन
चंद्र12:3413:27दिन
शनि13:2714:21दिन
गुरु14:2115:14दिन
मंगल15:1416:08दिन
सूर्य16:0817:01दिन
शुक्र17:0117:55दिन
बुध17:5519:01रात
चंद्र19:0120:08रात
शनि20:0821:15रात
गुरु21:1522:21रात
मंगल22:2123:28रात
सूर्य23:2800:34रात
शुक्र00:3401:41रात
बुध01:4102:48रात
चंद्र02:4803:54रात
शनि03:5405:01रात
गुरु05:0106:08रात
मंगल06:0807:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2316° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।