25 अक्टूबर 2026 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 25 अक्टूबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:11 तक), नक्षत्र रेवती (08:52 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 16:33 से 17:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:53
रात 07:15 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:11 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 07:11 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 23:11 तक
कृष्ण प्रतिपदा 20:32, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:52 तक
अश्विनी 07:11, 26 अक्टू॰ तक
भरणी 05:09, 27 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 03:47, 26 अक्टू॰ तक
सिद्धि 00:23, 27 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:22 तक
बव 23:11 तक
बालव 09:54, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 08:52 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
17:19
चंद्रास्त
06:39
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
16:33 – 17:53
यमगंड
12:34 – 13:54
गुलिक काल
15:14 – 16:33

25 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:14 – 08:34टालें
चर08:34 – 09:54सामान्य
लाभ09:54 – 11:14शुभ
अमृत11:14 – 12:34शुभ
काल12:34 – 13:54टालें
शुभ13:54 – 15:14शुभ
रोग15:14 – 16:33टालें
उद्वेग16:33 – 17:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:53 – 19:34शुभ
अमृत19:34 – 21:14शुभ
चर21:14 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:34टालें
काल00:34 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:55शुभ
उद्वेग03:55 – 05:35टालें
शुभ05:35 – 07:15शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1408:07दिन
शुक्र08:0709:01दिन
बुध09:0109:54दिन
चंद्र09:5410:47दिन
शनि10:4711:41दिन
गुरु11:4112:34दिन
मंगल12:3413:27दिन
सूर्य13:2714:20दिन
शुक्र14:2015:14दिन
बुध15:1416:07दिन
चंद्र16:0717:00दिन
शनि17:0017:53दिन
गुरु17:5319:00रात
मंगल19:0020:07रात
सूर्य20:0721:14रात
शुक्र21:1422:21रात
बुध22:2123:28रात
चंद्र23:2800:34रात
शनि00:3401:41रात
गुरु01:4102:48रात
मंगल02:4803:55रात
सूर्य03:5505:02रात
शुक्र05:0206:09रात
बुध06:0907:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2316° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।