2 नवंबर 2026 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 2 नवंबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 2 नवंबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (00:25, 3 नव॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:16 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 07:41 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 16:43
रात 06:25 तक
तिथि
नवमी, 00:25 तक
दशमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:16 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:25, 3 नव॰ तक
कृष्ण दशमी 23:33, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
मघा 15:56, 3 नव॰ तक
योग
शुक्ल 22:24 तक
ब्रह्म 20:31, 3 नव॰ तक
करण
तैतिल 12:59 तक
गर 00:25, 3 नव॰ तक
वणिज 11:56, 3 नव॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 16:16 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:34
दिनमान
10h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 08:59
यमगंड
10:16 – 11:33
गुलिक काल
12:51 – 14:08

2 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:24 – 07:41शुभ
काल07:41 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:16शुभ
रोग10:16 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 12:51टालें
चर12:51 – 14:08सामान्य
लाभ14:08 – 15:25शुभ
अमृत15:25 – 16:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:43 – 18:26सामान्य
रोग18:26 – 20:08टालें
काल20:08 – 21:51टालें
लाभ21:51 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 01:17टालें
शुभ01:17 – 02:59शुभ
अमृत02:59 – 04:42शुभ
चर04:42 – 06:25सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2407:15दिन
शनि07:1508:07दिन
गुरु08:0708:59दिन
मंगल08:5909:50दिन
सूर्य09:5010:42दिन
शुक्र10:4211:33दिन
बुध11:3312:25दिन
चंद्र12:2513:16दिन
शनि13:1614:08दिन
गुरु14:0815:00दिन
मंगल15:0015:51दिन
सूर्य15:5116:43दिन
शुक्र16:4317:51रात
बुध17:5119:00रात
चंद्र19:0020:08रात
शनि20:0821:17रात
गुरु21:1722:25रात
मंगल22:2523:34रात
सूर्य23:3400:42रात
शुक्र00:4201:51रात
बुध01:5102:59रात
चंद्र02:5904:08रात
शनि04:0805:17रात
गुरु05:1706:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2320° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।