6 नवंबर 2026 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:18 तक), नक्षत्र हस्त (17:13 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 10:17 से 11:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 16:38
रात 06:30 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:18 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 17:13 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:18 तक
कृष्ण चतुर्दशी 23:58, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 17:13 तक
चित्रा 18:22, 7 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 16:40 तक
प्रीति 15:57, 7 नव॰ तक
करण
गर 11:06 तक
वणिज 23:18 तक
विष्टि (भद्रा) 11:35, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 05:45, 7 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
03:47
चंद्रास्त
15:03
दिनमान
10h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
10:17 – 11:33
यमगंड
14:06 – 15:22
गुलिक काल
07:45 – 09:01

6 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:29 – 07:45सामान्य
लाभ07:45 – 09:01शुभ
अमृत09:01 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:33टालें
शुभ11:33 – 12:50शुभ
रोग12:50 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:22टालें
चर15:22 – 16:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:38 – 18:22टालें
काल18:22 – 20:06टालें
लाभ20:06 – 21:50शुभ
उद्वेग21:50 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:18शुभ
अमृत01:18 – 03:02शुभ
चर03:02 – 04:46सामान्य
रोग04:46 – 06:30टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2907:19दिन
बुध07:1908:10दिन
चंद्र08:1009:01दिन
शनि09:0109:52दिन
गुरु09:5210:43दिन
मंगल10:4311:33दिन
सूर्य11:3312:24दिन
शुक्र12:2413:15दिन
बुध13:1514:06दिन
चंद्र14:0614:57दिन
शनि14:5715:47दिन
गुरु15:4716:38दिन
मंगल16:3817:47रात
सूर्य17:4718:57रात
शुक्र18:5720:06रात
बुध20:0621:15रात
चंद्र21:1522:25रात
शनि22:2523:34रात
गुरु23:3400:43रात
मंगल00:4301:53रात
सूर्य01:5303:02रात
शुक्र03:0204:11रात
बुध04:1105:21रात
चंद्र05:2106:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।