7 जनवरी 2027 को शिकागो का पंचांग

गुरुवार, 7 जनवरी 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 7 जनवरी 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:24 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (21:43 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 16:35 पर है। राहुकाल 13:06 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 16:35
रात 07:17 तक
तिथि
अमावस्या, 14:24 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 21:43 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 14:24 तक
शुक्ल प्रतिपदा 17:04, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 00:46, 9 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 03:52, 8 जन॰ तक
हर्षण 04:45, 9 जन॰ तक
करण
नाग 14:24 तक
किंस्तुघ्न 03:44, 8 जन॰ तक
बव 17:04, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 04:29, 8 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
16:35
चंद्रोदय
07:28
चंद्रास्त
16:23
दिनमान
9h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
13:06 – 14:16
यमगंड
07:18 – 08:27
गुलिक काल
09:37 – 10:47

7 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:18 – 08:27शुभ
रोग08:27 – 09:37टालें
उद्वेग09:37 – 10:47टालें
चर10:47 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:16शुभ
काल14:16 – 15:26टालें
शुभ15:26 – 16:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:35 – 18:26शुभ
चर18:26 – 20:16सामान्य
रोग20:16 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:37टालें
शुभ03:37 – 05:27शुभ
अमृत05:27 – 07:17शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1808:04दिन
मंगल08:0408:51दिन
सूर्य08:5109:37दिन
शुक्र09:3710:23दिन
बुध10:2311:10दिन
चंद्र11:1011:56दिन
शनि11:5612:43दिन
गुरु12:4313:29दिन
मंगल13:2914:16दिन
सूर्य14:1615:02दिन
शुक्र15:0215:49दिन
बुध15:4916:35दिन
चंद्र16:3517:49रात
शनि17:4919:02रात
गुरु19:0220:16रात
मंगल20:1621:29रात
सूर्य21:2922:43रात
शुक्र22:4323:56रात
बुध23:5601:10रात
चंद्र01:1002:23रात
शनि02:2303:37रात
गुरु03:3704:50रात
मंगल04:5006:04रात
सूर्य06:0407:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।