8 जनवरी 2027 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 8 जनवरी 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (17:04 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (00:46, 9 जन॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 16:36 पर है। राहुकाल 10:47 से 11:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 16:36
रात 07:17 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:04 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 00:46 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 17:04 तक
शुक्ल द्वितीया 19:37, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 00:46, 9 जन॰ तक
श्रवण 03:42, 10 जन॰ तक
योग
हर्षण 04:45, 9 जन॰ तक
वज्रअशुभ 05:32, 10 जन॰ तक
करण
बव 17:04 तक
बालव 06:22, 9 जन॰ तक
कौलव 19:37, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
16:36
चंद्रोदय
08:03
चंद्रास्त
17:25
दिनमान
9h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
10:47 – 11:57
यमगंड
14:17 – 15:26
गुलिक काल
08:27 – 09:37

8 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:17 – 08:27सामान्य
लाभ08:27 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 10:47शुभ
काल10:47 – 11:57टालें
शुभ11:57 – 13:07शुभ
रोग13:07 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:26टालें
चर15:26 – 16:36सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:36 – 18:26टालें
काल18:26 – 20:16टालें
लाभ20:16 – 22:07शुभ
उद्वेग22:07 – 23:57टालें
शुभ23:57 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:27सामान्य
रोग05:27 – 07:17टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1708:04दिन
बुध08:0408:51दिन
चंद्र08:5109:37दिन
शनि09:3710:24दिन
गुरु10:2411:10दिन
मंगल11:1011:57दिन
सूर्य11:5712:43दिन
शुक्र12:4313:30दिन
बुध13:3014:17दिन
चंद्र14:1715:03दिन
शनि15:0315:50दिन
गुरु15:5016:36दिन
मंगल16:3617:50रात
सूर्य17:5019:03रात
शुक्र19:0320:16रात
बुध20:1621:30रात
चंद्र21:3022:43रात
शनि22:4323:57रात
गुरु23:5701:10रात
मंगल01:1002:24रात
सूर्य02:2403:37रात
शुक्र03:3704:50रात
बुध04:5006:04रात
चंद्र06:0407:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।