24 मार्च 2027 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 24 मार्च 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 24 मार्च 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (02:08, 25 मार्च तक), नक्षत्र चित्रा (08:55 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 19:07 पर है। राहुकाल 12:57 से 14:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 19:07
रात 06:45 तक
तिथि
तृतीया, 02:08 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 02:08, 25 मार्च तक
कृष्ण चतुर्थी 02:13, 26 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 08:55 तक
स्वाति 09:09, 25 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 21:02 तक
हर्षण 19:51, 25 मार्च तक
करण
वणिज 14:21 तक
विष्टि (भद्रा) 02:08, 25 मार्च तक
बव 14:05, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
19:07
चंद्रोदय
22:10
चंद्रास्त
07:27
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:57 – 14:29
यमगंड
08:19 – 09:52
गुलिक काल
11:24 – 12:57

24 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:47 – 08:19शुभ
अमृत08:19 – 09:52शुभ
काल09:52 – 11:24टालें
शुभ11:24 – 12:57शुभ
रोग12:57 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 16:02टालें
चर16:02 – 17:34सामान्य
लाभ17:34 – 19:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:07 – 20:34टालें
शुभ20:34 – 22:01शुभ
अमृत22:01 – 23:28शुभ
चर23:28 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:23टालें
काल02:23 – 03:50टालें
लाभ03:50 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 06:45टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4707:48दिन
चंद्र07:4808:50दिन
शनि08:5009:52दिन
गुरु09:5210:53दिन
मंगल10:5311:55दिन
सूर्य11:5512:57दिन
शुक्र12:5713:58दिन
बुध13:5815:00दिन
चंद्र15:0016:02दिन
शनि16:0217:03दिन
गुरु17:0318:05दिन
मंगल18:0519:07दिन
सूर्य19:0720:05रात
शुक्र20:0521:03रात
बुध21:0322:01रात
चंद्र22:0122:59रात
शनि22:5923:58रात
गुरु23:5800:56रात
मंगल00:5601:54रात
सूर्य01:5402:52रात
शुक्र02:5203:50रात
बुध03:5004:49रात
चंद्र04:4905:47रात
शनि05:4706:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।