17 जनवरी 2028 को शिकागो का पंचांग
सोमवार, 17 जनवरी 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।
सोमवार, 17 जनवरी 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (02:02, 18 जन॰ तक), नक्षत्र हस्त (18:49 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 16:46 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:37 तक है।
17 जनवरी 2028 का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण सप्तमी 02:02, 18 जन॰ तक कृष्ण अष्टमी 00:59, 19 जन॰ तक |
| नक्षत्र | हस्त 18:49 तक चित्रा 18:13, 18 जन॰ तक |
| योग | अतिगंडअशुभ 08:22 तक सुकर्मा 05:53, 18 जन॰ तक धृति 03:54, 19 जन॰ तक |
| करण | विष्टि (भद्रा) 14:47 तक बव 02:02, 18 जन॰ तक बालव 13:26, 18 जन॰ तक |
| चंद्र राशि | कन्या 06:26, 18 जन॰ तक |
| सूर्य राशि | मकर |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 07:14
- सूर्यास्त
- 16:46
- चंद्रोदय
- 23:57
- चंद्रास्त
- 10:06
- दिनमान
- 9h 32m
हिंदू कैलेंडर
- मास (अमांत)
- पौष
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949, प्लवंग संवत्सर
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- उत्तरायण
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 05:18 – 06:16
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:41 – 12:19
अशुभ समय
- राहुकाल
- 08:26 – 09:37
- यमगंड
- 10:49 – 12:00
- गुलिक काल
- 13:12 – 14:23
17 जनवरी 2028 का चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।
| दिन का चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| अमृत | 07:14 – 08:26 | शुभ |
| काल | 08:26 – 09:37 | टालें |
| शुभ | 09:37 – 10:49 | शुभ |
| रोग | 10:49 – 12:00 | टालें |
| उद्वेग | 12:00 – 13:12 | टालें |
| चर | 13:12 – 14:23 | सामान्य |
| लाभ | 14:23 – 15:35 | शुभ |
| अमृत | 15:35 – 16:46 | शुभ |
| रात का चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| चर | 16:46 – 18:34 | सामान्य |
| रोग | 18:34 – 20:23 | टालें |
| काल | 20:23 – 22:11 | टालें |
| लाभ | 22:11 – 00:00 | शुभ |
| उद्वेग | 00:00 – 01:48 | टालें |
| शुभ | 01:48 – 03:37 | शुभ |
| अमृत | 03:37 – 05:25 | शुभ |
| चर | 05:25 – 07:14 | सामान्य |
होरा (ग्रहों के घंटे)
हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।
| होरा स्वामी | से | तक | दिन / रात |
|---|---|---|---|
| चंद्र | 07:14 | 08:02 | दिन |
| शनि | 08:02 | 08:50 | दिन |
| गुरु | 08:50 | 09:37 | दिन |
| मंगल | 09:37 | 10:25 | दिन |
| सूर्य | 10:25 | 11:13 | दिन |
| शुक्र | 11:13 | 12:00 | दिन |
| बुध | 12:00 | 12:48 | दिन |
| चंद्र | 12:48 | 13:35 | दिन |
| शनि | 13:35 | 14:23 | दिन |
| गुरु | 14:23 | 15:11 | दिन |
| मंगल | 15:11 | 15:58 | दिन |
| सूर्य | 15:58 | 16:46 | दिन |
| शुक्र | 16:46 | 17:58 | रात |
| बुध | 17:58 | 19:11 | रात |
| चंद्र | 19:11 | 20:23 | रात |
| शनि | 20:23 | 21:35 | रात |
| गुरु | 21:35 | 22:48 | रात |
| मंगल | 22:48 | 00:00 | रात |
| सूर्य | 00:00 | 01:12 | रात |
| शुक्र | 01:12 | 02:25 | रात |
| बुध | 02:25 | 03:37 | रात |
| चंद्र | 03:37 | 04:49 | रात |
| शनि | 04:49 | 06:02 | रात |
| गुरु | 06:02 | 07:14 | रात |
आने वाले व्रत और तिथियां
| तारीख | व्रत/पर्व | तिथि / घटना |
|---|---|---|
| 18 जन॰ 2028 | कालाष्टमी | कृष्ण अष्टमी |
| 21 जन॰ 2028 | कृष्ण एकादशी | कृष्ण एकादशी |
| 23 जन॰ 2028 | प्रदोष व्रत | कृष्ण त्रयोदशी |
| 25 जन॰ 2028 | माघ अमावस्या | अमावस्या |
| 30 जन॰ 2028 | विनायक चतुर्थी | शुक्ल चतुर्थी |
| 6 फ़र॰ 2028 | शुक्ल एकादशी | शुक्ल एकादशी |
| 8 फ़र॰ 2028 | प्रदोष व्रत | शुक्ल त्रयोदशी |
| 10 फ़र॰ 2028 | माघ पूर्णिमा | पूर्णिमा |
| 13 फ़र॰ 2028 | संकष्टी चतुर्थी | कृष्ण चतुर्थी |
| 13 फ़र॰ 2028 | कुंभ संक्रांति | सूर्य का कुंभ में प्रवेश |
तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →
अयनांश 24.2488° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।
अगले 30 दिनों के त्योहार
किसी अन्य शहर का पंचांग
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंचांग क्या है?
पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।
पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।
दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?
परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।
यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।